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युवाओं से आत्मनिर्भर नागालैंड के निर्माण में योगदान देने का राज्यपाल का आह्वान

नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक कला रूप राज्य की पहचान, इतिहास और सामूहिक विरासत को दर्शाते हैं। राज्यपाल मंगलवार को कोहिमा के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव 2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने युवाओं से अपनी विरासत के बारे में जानने, दूसरों की परंपराओं का सम्मान करने और रचनात्मकता के माध्यम से पारंपरिक कला एवं संस्कृति को नए और सार्थक रूप में प्रस्तुत करने का आह्वान किया।

राज्यपाल यादव ने युवाओं से व्यावहारिक कौशल हासिल करने, उद्यमिता को अपनाने और आत्मनिर्भर नागालैंड के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव केवल प्रतियोगिता का मंच नहीं है, बल्कि यह सीखने, संवाद, रचनात्मकता और व्यक्तिगत विकास का अवसर भी प्रदान करता है।

उन्होंने विभिन्न जिलों से आए युवा प्रतिभागियों को आपस में मित्रता बढ़ाने, विचारों का आदान-प्रदान करने तथा एक-दूसरे की संस्कृति और प्रतिभाओं को समझने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस वर्ष के महोत्सव की थीम “युवा, कौशल और आत्मनिर्भर नागालैंड” का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रतिभा को ज्ञान, व्यावहारिक कौशल, अनुशासन और निरंतर सीखने का साथ मिलना जरूरी है। उन्होंने युवाओं को डिजिटल तकनीक, उद्यमिता, कृषि, पर्यटन, हस्तशिल्प, रचनात्मक उद्योगों और अन्य उभरते क्षेत्रों में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि केवल सरकारी रोजगार हर युवा की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर सकता। ऐसे में आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए युवाओं को विभिन्न विकल्पों पर विचार करना चाहिए। कौशल, दृढ़ संकल्प, लगन और उद्यमशीलता की भावना के साथ युवा आत्मनिर्भर नागालैंड के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

राज्यपाल ने विभाग की “स्किल-बेस्ड इकोनॉमिक सस्टेनेन्स इनिशिएटिव ऑफ आई.जी. एकेडमी स्टूडेंट्स” की भी सराहना की। उन्होंने छात्रों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों और रचनात्मक कार्यों की प्रदर्शनी की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को खेल के अलावा अन्य कौशल विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

घोषणा, कविता लेखन और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को राज्यपाल ने व्यापक रूप से पढ़ने, जिज्ञासु बने रहने, आलोचनात्मक सोच विकसित करने और तकनीक का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने विश्वसनीय सूचना और भ्रामक सूचनाओं के बीच अंतर समझने तथा जागरूक, जिम्मेदार और सक्रिय नागरिक बनने की आवश्यकता पर जोर दिया।

‘विकसित भारत 2047’ के विजन का उल्लेख करते हुए राज्यपाल यादव ने कहा कि भारत के भविष्य को आकार देने में युवाओं की केंद्रीय भूमिका है। उन्होंने नागालैंड की प्रतिभाशाली युवा आबादी, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, प्राकृतिक सुंदरता और मजबूत सामुदायिक संबंधों को राज्य की ताकत बताया। उन्होंने पर्यटन, कृषि, उद्यमिता, खेल और रचनात्मक उद्योगों में उपलब्ध संभावनाओं का भी उल्लेख किया।

राज्यपाल ने युवाओं से महोत्सव में उत्साह, ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ भाग लेने तथा साथी प्रतिभागियों का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पुरस्कार उपलब्धि का एक क्षण हो सकते हैं, लेकिन प्रतियोगिता के दौरान हासिल ज्ञान, अनुशासन और अनुभव जीवनभर उपयोगी रहते हैं।

उन्होंने युवाओं से जिज्ञासु बने रहने, नए कौशल सीखने और मेहनत की आदत विकसित करने के साथ शिक्षकों, मार्गदर्शकों, माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि शिक्षा, कौशल, अनुशासन और दृढ़ता के बल पर नागालैंड के युवा चुनौतियों का सामना करते हुए नए अवसर पैदा कर सकते हैं और समाज में सार्थक योगदान दे सकते हैं।

राज्यपाल यादव ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और युवा महोत्सव के आयोजन के लिए युवा संसाधन एवं खेल विभाग, आयोजकों तथा इससे जुड़े सभी लोगों की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य स्तरीय युवा महोत्सव नागालैंड के युवाओं की प्रतिभा, विचारों और आकांक्षाओं को पहचानने और प्रोत्साहित करने के मंच के रूप में आगे भी विकसित होता रहेगा।

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