July 19, 2026
National

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में राज्यपाल का संवाद, उच्च शिक्षा सुधार और छात्रों के सुझावों पर दिया जोर

Governor’s interaction at Veer Kunwar Singh University; emphasis placed on higher education reforms and students’ suggestions.

बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शुक्रवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा में छात्रों और शिक्षकों के साथ संवाद किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधे सुझाव प्राप्त करना और राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए उनके अनुभवों को समझना था।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि उच्च शिक्षा में वास्तविक सुधार तभी संभव है, जब छात्रों और शिक्षकों की समस्याओं, सुझावों और अनुभवों को नीति निर्माण का आधार बनाया जाए। उन्होंने बताया कि बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई नीतिगत सुधार, नए नियम और प्रशासनिक पहलें लागू की जा रही हैं, जिनसे आने वाले समय में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

उन्होंने बिहार की समृद्ध शैक्षणिक और बौद्धिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने देश को अनेक विद्वान और कुशल नेतृत्व दिया है। अब आवश्यकता है कि बिहार के विश्वविद्यालय भी शैक्षणिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित हों। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य सरकार और राजभवन इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सके।

राज्यपाल ने छात्रों से केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें खेलकूद, व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल और सामान्य ज्ञान पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है, जहां डिजिटल तकनीक और इंटरनेट ने सीखने के अवसरों का दायरा काफी बढ़ा दिया है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है और हर व्यक्ति को लगातार ज्ञान अर्जित करते रहना चाहिए।

संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालयों में स्टार्टअप एक्सपो के नियमित आयोजन, उद्योग विभाग की योजनाओं के प्रचार-प्रसार, आधुनिक प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, छात्रावासों के विस्तार, तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति और शिक्षकों के रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग रखी। इस पर राज्यपाल ने कहा कि आधारभूत सुविधाओं का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और नए विश्वविद्यालय अधिनियम के लागू होने के बाद आवश्यक नियुक्तियां भी की जाएंगी।

शिक्षकों ने भी नैक मान्यता, वित्तीय संसाधनों की कमी, डिजिटल लाइब्रेरी, आईसीटी और भाषा प्रयोगशालाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, समय पर वेतन और पेंशन भुगतान, शोध सुविधाओं और प्लेसमेंट सेल जैसे मुद्दे उठाए। राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर वेतन एवं पेंशन उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने समूह स्वास्थ्य बीमा योजना और शोध परियोजनाओं के लिए अनुदान जैसे प्रस्तावों पर भी गंभीरता से विचार करने की बात कही।

Leave feedback about this

  • Service