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जीएसटी संग्रह मार्च में 8.8 प्रतिशत बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए के पार

GST collections surged 8.8 percent in March to cross ₹2 lakh crore. GST collections surged 8.8 percent in March to cross ₹2 lakh crore.

1 अप्रैल । सकल जीएसटी संग्रह मार्च 2026 में सालाना आधार पर 8.8 प्रतिशत बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसकी वजह घरेलू अर्थव्यवस्था का मजबूत होना और आयात से जुड़े जीएसटी संग्रह में तेज वृद्धि होना है। यह जानकारी सरकार द्वारा बुधवार को दी गई।

मार्च में सकल जीएसटी आय 2,00,064 करोड़ रुपए रही है, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह 1,83,845 करोड़ रुपए थी।

इस बढ़ोतरी की वजह आयात पर लगने वाले जीएसटी में 17.8 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी है। हालांकि, घरेलू सामान पर लगने वाला जीएसटी में सालाना आधार पर 5.9 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

अगर 22,074 करोड़ रुपए के रिफंड को हटा दिया जाए तो मार्च में शुद्ध जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत बढ़कर 1,77,990 करोड़ रुपए हो गया है।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, सकल जीएसटी संग्रह 8.3 प्रतिशत बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025) में यह 20.55 लाख करोड़ रुपए था। यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत आर्थिक गतिविधि का संकेत देता है।

इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शुद्ध जीएसटी संग्रह (रिफंड को हटाकर) 19.34 लाख करोड़ रुपए रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 7.1 प्रतिशत अधिक है।

इस बीच, उपकर संग्रह में महीने के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई और यह (-177) करोड़ रुपए पर नकारात्मक हो गया, जिसका मुख्य कारण अधिक रिफंड और समायोजन थे।

विशेषज्ञों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में जीएसटी संग्रह भारत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि (लगभग 7 प्रतिशत) के अनुरूप मजबूत कर वृद्धि को दर्शाता है, जो बढ़ती खपत, आयात में विस्तार और बेहतर अनुपालन के बीच संबंध को रेखांकित करता है।

पिछले महीने की तरह, फरवरी में जीएसटी संग्रह में भी 9.1 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपए हो गया।

फरवरी में संग्रह में वृद्धि का मुख्य कारण घरेलू जीएसटी राजस्व में 10.2 प्रतिशत की वृद्धि और आयात से जीएसटी राजस्व में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि रही।

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