1 अप्रैल । हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पंचायत चुनाव को लेकर बुधवार को जमकर हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने चुनाव में रोस्टर प्रणाली को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो गई और उसे 20 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।
दरअसल, विपक्ष के विधायक रणधीर शर्मा ने बुधवार सुबह विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नियम 67 के तहत पंचायत चुनाव में रोस्टर से जुड़े मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने मांग की कि इस महत्वपूर्ण विषय पर तुरंत चर्चा कराई जाए, क्योंकि यह पूरे प्रदेश के पंचायत चुनावों को प्रभावित कर सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इस पर कहा कि वे प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद इस प्रस्ताव पर अपना निर्णय देंगे। हालांकि, विपक्ष इस बात पर अड़ा रहा कि प्रस्ताव को तुरंत स्वीकार किया जाए और इस पर तुरंत चर्चा शुरू की जाए। इसी मांग को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन के भीतर नारेबाजी शुरू कर दी और सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
हंगामा बढ़ने के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को मजबूरन कार्यवाही को 20 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने जिला उपायुक्तों (डीसी) को पंचायत चुनाव के रोस्टर में 5 प्रतिशत तक बदलाव करने की छूट दी है, जो निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ है। उनका कहना है कि इससे चुनाव में पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है और सत्ता पक्ष इसका फायदा उठा सकता है।
इस मुद्दे को लेकर विपक्ष पहले से ही आक्रामक रुख अपनाए हुए है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भी विपक्षी नेताओं ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की।
वहीं, सरकार की ओर से इस मामले पर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन, माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर सदन में आगे भी तीखी बहस हो सकती है।

