N1Live National श्रीगंगानगर के बाल सुधार गृह में गार्ड की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या, जांच हुई तेज
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श्रीगंगानगर के बाल सुधार गृह में गार्ड की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या, जांच हुई तेज

Guard beaten to death with an iron rod at Sri Ganganagar's juvenile correction home; investigation intensifies.

राजस्थान में श्रीगंगानगर स्थित राजकीय पर्यवेक्षण एवं किशोर गृह में सुरक्षा गार्ड साहबराम की हत्या के मामले में पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के कारणों और आरोपियों की भूमिका का पता लगाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक घटना के समय अवलोकन गृह में 15 अगस्त के कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान एक कूलर खराब हो गया। सहाबराम औजार लेने के लिए बाहर खड़े दूसरे गार्ड के पास गया। आरोप है कि तभी पीछे से तीन नाबालिगों ने बेंच से निकाली गई लोहे की रॉड से उनके सिर पर कई बार वार किया। सिर में गंभीर चोट लगने से सहाबराम की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की खबर मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव, एसपी हरीशंकर यादव, एडीएम सुभाष कुमार, एएसपी दीपक शर्मा, सिटी सीओ विष्णु खत्री और ओल्ड आबादी थाना प्रभारी सुमन परिहार अवलोकन गृह पहुंचे। बाल अधिकार विभाग के अधिकारी राजीव जाखड़ ने उन्हें पूरी जानकारी दी। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए एफएसएल और मोबाइल टीम को बुलाया। सीसीटीवी फुटेज खंगालकर घटना के क्रम को समझने की कोशिश की जा रही है। मामले में तीन नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अभी हमले की वजह साफ नहीं हो पाई है।

इस वारदात के बाद बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। यहां निगरानी, स्टाफ और सुरक्षा इंतजाम को लेकर चिंता जताई जा रही है।

बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष जोगेंद्र कौशिक ने बताया कि नशे के मामलों में पकड़े जाकर बाल गृह में आने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है। अभी यहां 27 नाबालिग हैं, जिनमें कुछ हनुमानगढ़ से भी लाए गए हैं। यह मुद्दा हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में भी उठा था। श्रीगंगानगर की अंबे विहार कॉलोनी निवासी सहाबराम एसएसबी से रिटायर होने के बाद पिछले कुछ महीनों से इस बाल गृह में गार्ड की नौकरी कर रहे थे।

परिवार में पत्नी, बेटा और बेटी हैं। दोनों बच्चे शादीशुदा हैं। परिवार वालों ने बताया कि सहाबराम की पत्नी लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रही हैं। वे पत्नी का इलाज बाहर कराने की तैयारी कर रहे थे। अचानक हुई इस मौत से घर में मातम है।

घटना की खबर फैलते ही अस्पताल और बाल गृह के बाहर रिश्तेदार, दोस्त और स्थानीय लोग जुट गए। हर तरफ शोक और गुस्से का माहौल था। जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए नाबालिगों से पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

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