केरल में गुरुवार से फिर से भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में राज्य के मध्य और उत्तरी हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई है। बारिश के कारण प्रशासन ने एहतियाती कदम बढ़ा दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश नदियों, जलाशयों और जमीन के पानी को भरने में मदद करेगी। पिछले दिनों कई इलाकों में सूखे जैसे हालात थे, इसलिए यह बारिश राहत भी देगी।
आईएमडी ने कासरगोड, कन्नूर, एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम, अलाप्पुझा और पथानामथिट्टा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी 7 जिलों में येलो अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि शुक्रवार को उत्तरी केरल में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी और भूस्खलन वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा को देखते हुए गुरुवार को कोट्टायम तालुक, पथानामथिट्टा के तिरुवल्ला तालुक और अलाप्पुझा के कुट्टनाड, चेंगन्नूर और कार्तिकापल्ली तालुक के सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। वहीं वायनाड, कोझिकोड, इडुक्की, कोट्टायम, त्रिशूर, अलाप्पुझा और पथानामथिट्टा में जो स्कूल और कॉलेज राहत शिविर के रूप में चल रहे हैं, वहां भी छुट्टी घोषित की गई है ताकि राहत कार्य सुचारू रूप से हो सकें।
भारतीय राष्ट्रीय समुद्र सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) ने केरल के तटीय इलाकों के लिए ‘कल्लक्कडल’ यानी ऊंची लहरों की चेतावनी जारी की है। गुरुवार रात 11:30 बजे तक तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और अलाप्पुझा के तटों पर 1.1 से 1.4 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे समुद्र किनारे न जाएं और जरूरी सावधानी बरतें।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि सभी जिला प्रशासन, आपातकालीन टीमें और स्थानीय निकाय अलर्ट पर हैं। नदियों के जलस्तर और संवेदनशील जगहों पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से कहा गया है कि वे पहाड़ी इलाकों की गैर जरूरी यात्रा टालें, सरकारी निर्देशों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।

