April 21, 2026
National

गुजरात: सीएम पटेल का विपक्ष पर हमला, बोले- महिलाओं का विरोध करने वाली ताकतें नहीं बचेंगी

Gujarat: CM Patel attacks opposition, says forces opposing women will not survive

19 अप्रैल । गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को कहा कि जो भी ताकत महिलाओं का विरोध करती है, वह न तो कभी बची है और न ही भविष्य में बच पाएगी।

यह बात उन्होंने तब कही जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक’ को रोकने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री पटेल ने गांधीनगर के प्रदेश भाजपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम था।

उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस महिलाओं के कल्याण की बात करती है तो दूसरी तरफ वह उनके कानूनी सशक्तिकरण को रोकने की कोशिश करती है। उसके दोहरे मापदंड बेनकाब हो गए हैं।

केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र की सांसद रक्षा खडसे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किए गए इस विधेयक का उद्देश्य महिलाओं के लिए गरिमा और अधिकारों को सुनिश्चित करना था, लेकिन लोकसभा में इसे बाधित किया गया।

उन्होंने कहा कि ‘महिला-विरोधी’ कांग्रेस ने इस विधेयक को पारित होने से रोककर देश की महिलाओं और युवाओं के भविष्य के साथ विश्वासघात किया है। 2023 के कानून में स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद कि यह केवल परिसीमन के बाद ही लागू होगा, कांग्रेस ने इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया और महिलाओं के साथ अन्याय किया।

खडसे ने कहा कि यह कदम देश की सभी महिलाओं और युवाओं के लिए था, न कि किसी एक पार्टी के लिए। उन्होंने यह भी बताया कि परिसीमन से लोकसभा सीटों की संख्या में वृद्धि होती। उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं को उम्मीद थी कि कांग्रेस और उसके सहयोगी इस विधेयक का समर्थन करेंगे।

उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों का भी हवाला दिया, जिन्हें उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए गए प्रयासों के रूप में वर्णित किया।

खडसे ने कहा, “2014 से काम केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी किया गया है। इसमें उज्ज्वला योजना के तहत 11 करोड़ से अधिक परिवारों को गैस कनेक्शन प्रदान करना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना शामिल है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में भी कई राज्यों ने महिलाओं को 50 प्रतिशत तक आरक्षण दिया है, फिर भी संसद और विधानसभाओं में उनके प्रतिनिधित्व को बढ़ाने का ऐतिहासिक रास्ता रोक दिया गया है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने कहा कि संसद में हुए घटनाक्रम न केवल एक बिल की हार थे, बल्कि 70 करोड़ माताओं, बहनों और बेटियों के सपनों पर सीधा हमला थे।

उन्होंने कहा कि अपने ही परिवारों की महिलाओं को बढ़ावा देना, जबकि आम महिलाओं का रास्ता रोकना, कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। मंत्री ने दावा किया कि पार्टी को डर था कि गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाली महिलाएं संसद में प्रवेश करेंगी और ‘वंशवादी राजनीति’ को चुनौती देंगी।

विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने जानबूझकर बिल को आवश्यक बहुमत हासिल करने से रोका।

उन्होंने कहा, “महिलाओं को सशक्त बनाना हमारे लिए सत्ता का मामला नहीं है, बल्कि समानता और अधिकारों का मामला है। पूरे देश की महिलाएं इन घटनाक्रमों को देख रही हैं।

भाजपा नेताओं ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य राजनीतिक सीमाओं से परे महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करना था और यह संतुलित निर्वाचन क्षेत्रों को सुनिश्चित करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा था।

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