प्रकृति की गोद में सुकून चाहने वाले पर्यटकों के लिए गुजरात के पंचमहल जिले में स्थित धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। जांबुघोड़ा वन्यजीव अभ्यारण्य के बीचों-बीच हरियाली से घिरा यह टूरिज्म सेंटर सैलानियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
वडोदरा के पर्यटक वीएस पटेल ने कहा कि वह वन विभाग द्वारा विकसित की गई सुविधाओं के साथ ही बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और किफायती सेवाओं से बेहद संतुष्ट हैं। यहां जो सुविधाएं कम लागत में उपलब्ध हैं, वैसी सुविधाएं अन्य स्थानों पर तीन से चार गुना अधिक खर्च करने के बाद भी आसानी से नहीं मिलतीं।
दूसरे पर्यटक अजीत सिंह राठौर ने कहा कि यहां इको-टूरिज्म बहुत अच्छा है। यहां एक डैम है, जो देखने लायक जगह है। यहां के जंगल में रहने वाले लोग आपको गाइडेंस भी दे सकते हैं और महत्वपूर्ण जानकारियां भी दे सकते हैं। यह सच में घूमने लायक जगह है। अगर आप कुदरती नजारे देखना चाहते हैं तो सब कुछ घूमने के लिए यह बहुत अच्छी जगह है।
धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि पर्यटकों को घर जैसी सुविधाएं और स्वादिष्ट भोजन भी उपलब्ध कराता है। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने यहां ठहरने के लिए एसी कॉटेज समेत कई सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इसके अलावा, जंगल सफारी और ट्रैकिंग का भी इंतजाम किया गया है।
टूरिज्म सेंटर के मैनेजर मल्हारभाई ने बताया कि धनपुरी इको-टूरिज्म केंद्र में पर्यटकों के लिए कुल 8 एसी और 8 नॉन-एसी कमरे उपलब्ध हैं। इसके अलावा एक सोविनियर शॉप, एक अमूल शॉप, डाइनिंग शेड कैंटीन की सुविधा, और फायर सेफ्टी की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
गुजरात सरकार जांबुघोड़ा वन्यजीव अभ्यारण्य के अलावा राज्य के दूसरे इलाकों में भी इसी तरह इको टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है। गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने बताया कि रतन महल के जंगल में बाघ आया है। हम कच्छ में तेंदुए के लिए प्लानिंग कर रहे हैं और जांबुघोड़ा का जंगल हमारे आकर्षण का केंद्र है। इसके अलावा हम कई दूसरी इको-टूरिज्म साइट्स भी डेवलप कर रहे हैं।
बताते चलें कि धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर के पास में ही स्थित जंड हनुमान मंदिर और कड़ा डैम जैसे दर्शनीय स्थल सैलानियों को यादगार अनुभव देते हैं। वडोदरा, सूरत और अहमदाबाद के नजदीक होने की वजह से यहां वीकेंड पर पर्यटकों की खासी भीड़ उमड़ती है।

