July 21, 2026
National

तापी में लकड़ी तस्करों का पीछा करते समय गुजरात के वन अधिकारी की मौत

Gujarat forest official dies while chasing timber smugglers in Tapi.

गुजरात के तापी जिले में लकड़ी तस्करों का पीछा करते समय एक रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (आरएफओ) की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच कराने और वन संपदा के खिलाफ होने वाले अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रखने की बात कही है।

तापी जिले की तापी रेंज में तैनात रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर विकास देसाई की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। बताया गया है कि वह अवैध रूप से काटी गई खैर की लकड़ी ले जा रहे संदिग्ध तस्करों का पीछा कर रहे थे। राज्य सरकार के अनुसार, विकास देसाई को सूचना मिली थी कि तस्कर कीमती खैर की लकड़ी लेकर भाग रहे हैं। सूचना मिलते ही उन्होंने कार्रवाई शुरू की और पीछा करने के दौरान एक घातक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए।

वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने विकास देसाई को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका निधन वन विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। मोढवाडिया ने कहा, “जब तक वन संस्कृति जीवित रहेगी, तब तक मानव सभ्यता भी सुरक्षित रहेगी। इस महान उद्देश्य के लिए आरएफओ विकास देसाई का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।”

उन्होंने कहा कि देसाई ने लकड़ी चोरी की सूचना मिलने पर कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण और जिम्मेदारी की भावना के साथ कार्रवाई की थी। उनका जीवन पूरे वन समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। मंत्री ने कहा कि वन विभाग का कार्य केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा करने का एक पवित्र दायित्व भी है।

उन्होंने कहा कि गुजरात के जंगल, वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधन समर्पित अधिकारियों की प्रतिबद्धता के कारण सुरक्षित हैं। मोढवाडिया ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य सरकार और वन विभाग की ओर से भी विकास देसाई को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

मंत्री ने घटना की विस्तृत जांच की घोषणा करते हुए कहा कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाली अवैध गतिविधियों के खिलाफ राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विकास देसाई पाटन जिले के चाणसमा तालुका के भाटसर गांव के रहने वाले थे। चार भाई-बहनों में वह तीसरे नंबर पर थे। वन विभाग में आने से पहले वह सचिवालय में डिप्टी सेक्शन ऑफिसर के रूप में कार्यरत थे। करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने वन विभाग में सेवा शुरू की थी।

उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और पांच वर्षीय पुत्र हैं। वन राज्य मंत्री प्रवीण माली ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) डॉ. जयपाल सिंह सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी परिवार से मिलने पहुंचे और शोक व्यक्त किया।

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