August 12, 2026
National

इंस्टाग्राम के जरिए 2.54 करोड़ रुपए की डिस्ट्रीब्यूटर धोखाधड़ी का मामला, गुजरात पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा

Gujarat Police have arrested two individuals in connection with a distributor fraud case worth ₹2.54 crore involving Instagram.

गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने अमरेली जिले के सावरकुंडला से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक फर्जी कंपनी के विज्ञापन और एक धोखाधड़ी वाली ऑनलाइन डिस्ट्रीब्यूटर स्कीम के जरिए एक शिकायतकर्ता से लगभग 2.54 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की।

पुलिस ने बताया कि 13 राज्यों में साइबर क्राइम की 34 शिकायतों में आरोपी से जुड़े बैंक अकाउंट्स का पता चला है और इस मामले में 11 एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने सबसे पहले शिकायतकर्ता से इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन के जरिए संपर्क किया, जिसमें कथित तौर पर ‘मायर होल्डिंग लिमिटेड’ का प्रमोशन किया जा रहा था।

शिकायतकर्ता को डिस्ट्रीब्यूटर के तौर पर रजिस्टर करने के लिए कहा गया। फिर उससे कथित तौर पर कंपनी के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कपड़े, फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे प्रोडक्ट्स जोड़ने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता से कहा गया कि वह प्रोडक्ट्स की कीमत का 80 प्रतिशत हिस्सा कंपनी की कथित कस्टमर सर्विस द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में जमा करे इसके बदले में, उसे एक ऑनलाइन वॉलेट में डॉलर के रूप में 20 प्रतिशत मुनाफा दिखाया गया। पुलिस ने बताया कि जब बड़ी संख्या में ऑर्डर आने लगे, तो शिकायतकर्ता ने यह प्रक्रिया जारी रखी।

जब शिकायतकर्ता बहुत ज़्यादा ऑर्डर पूरे नहीं कर पाया, तो कंपनी ने कथित तौर पर उसे बताया कि उसका स्टोर 48 घंटों के भीतर फ्रीज कर दिया जाएगा और दावा किया कि कंपनी का अधिग्रहण (टेकओवर) कर लिया गया है। यह कथित धोखाधड़ी अतिरिक्त पेमेंट की मांगों के सिलसिले के साथ जारी रही। शिकायतकर्ता से अपना अकाउंट अनफ्रीज करने, क्रेडिट स्कोर ठीक करने और वॉलेट से पैसे निकालने के लिए चार्ज देने को कहा गया।

उससे डॉलर को रुपये में बदलने के लिए भी चार्ज देने को कहा गया, क्योंकि वॉलेट का बैलेंस 2,50,000 यूएस डॉलर से ज्यादा हो गया था। जब उसने ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर बंद करने का फैसला किया, तो उसे बंद करने के लिए और चार्ज की मांग की गई।

पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आखिरकार कथित कस्टमर सर्विस द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में कुल 2,53,91,066 रुपए जमा किए, जिससे यह कथित धोखाधड़ी हुई। जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी से मिले बैंक अकाउंट्स में 25 लाख रुपए से ज्यादा के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन हुए थे।

पुलिस ने बताया कि सवाबलिया खाताधारक था, जबकि राठौड़ ने कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जानकारी हासिल की और उसे उन अन्य आरोपियों तक पहुंचाया जिन्हें अभी गिरफ्तार किया जाना बाकी है। आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और एक चेक बुक जब्त की गई। आगे की जांच जारी है।

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