11 जून । होर्मुज के पास पालाउ-ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। इस हमले में 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि तीन लापता बताए जा रहे थे। अब इन तीनों भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में एक हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर का रहने वाला था, जिसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों का कहना है कि आदित्य शर्मा डेक कैडेट थे और हाल ही में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी। जब जहाज पर हमले और तीन क्रू के लापता होने की खबर मिली, तो वे जल्द अपडेट के लिए कंपनी से संपर्क करने लगे। कंपनी से बातचीत चल रही थी, लेकिन कोई भी अपडेट नहीं मिल पा रहा था। अब उनकी मृत्यु की खबर सामने आई है।
आदित्य शर्मा की मौत की खबर सुनकर परिवार में दुख का पहाड़ टूट पड़ा। वह इकलौता बेटा था। परिजन अब सरकार से मांग कर रहे हैं कि शव को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए।
मृतक आदित्य के चाचा ने कहा कि उन्हें कल ही उनके लापता होने की जानकारी उनके भाई ने दी थी। वे तुरंत उनके पास पहुंचे। कंपनी से बातचीत शुरू की, लेकिन कोई अपडेट नहीं मिल पाया। वह 24 मई को वापस आने वाले थे, लेकिन उन्होंने एक महीने के लिए कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया था। उन्हें खबर के जरिए उनकी मौत की जानकारी मिली।
उन्होंने कहा कि वे कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द शव वापस लाया जाए। वह अपने भाई का इकलौता बेटा था। उसकी उम्र लगभग 22 से 23 साल थी। कुछ दिन पहले ही उनकी ग्रुप कॉल पर बातचीत हुई थी। उन्होंने सांसद, मुख्यमंत्री, विदेश मंत्री और शिपिंग मंत्रालय से मांग की है कि शव को जल्द से जल्द वापस लाया जाए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस वक्त हमला हुआ, उस वक्त वह इंजन रूम में क्या कर रहा था? क्या उससे ओवरटाइम काम करवाया जा रहा था? क्या उसे मदद दी गई या नहीं, इसकी भी जानकारी मिलनी चाहिए।
वहीं परिवार के एक बुजुर्ग ने कहा कि उनका एक ही बच्चा था, वह भी चला गया। उन्होंने सिसकते हुए लेकिन नाराज लहजे में सवाल किया कि जब कैप्टन को आगे बढ़ने से मना किया गया था, तो उसने किसके कहने पर जहाज को आगे ले गया? उन्होंने मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

