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झारखंड विधानसभा में गूंजा हजारीबाग हिंसा का मामला, मंत्री इरफान पर कार्रवाई की मांग

Hazaribagh violence issue raised in Jharkhand assembly, demand for action against minister Irfan

झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत इचाक में महाशिवरात्रि के दिन हिंसक झड़प का मामला गुरुवार को राज्य की विधानसभा में उठा। भारतीय जनता पार्टी के बरकट्ठा क्षेत्र के विधायक अमित यादव और हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद ने शून्यकाल के दौरान इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि त्योहार के दौरान पत्थरबाजी कर सौहार्द्र को बिगाड़ने का प्रयास किया गया है।

भाजपा विधायकों ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।

हजारीबाग के भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि इचाक की घटना बहुत ही संवेदनशील मामला है। इस मामले में मंत्री इरफान अंसारी का भड़काऊ बयान आया है। इससे स्थिति बिगड़ सकती है। हजारीबाग में आने वाले दिनों में इंटरनेशनल स्तर पर रामनवमी मनाई जानी है। पांच लाख से ज्यादा लोग इस दौरान सड़कों पर होते हैं। मंत्री के इस तरह के बयान से हजारीबाग में स्थिति संभालना मुश्किल हो जाएगा।

उन्होंने अध्यक्ष से इस घटना की जांच के लिए विधानसभा की कमेटी बनाने की मांग की।

विधायक अमित यादव ने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन इचाक में लोग बिजली के पोल पर लाउडस्पीकर लगा रहे थे। इस दौरान एक समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया। कई बाइक और ऑटो में आग लगा दी गई। प्रशासन पर भी रोड़े बरसाए गए। सरकार को शांति बहाल करनी चाहिए, लेकिन इसके बदले मंत्री इरफान अंसारी आरएसएस और भाजपा को गाली दे रहे हैं। वह आग लगाने का प्रयास कर रहे हैं।

इसके पहले विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए विधायक अमित यादव ने कहा कि यह उनके क्षेत्र का मामला है। महाशिवरात्रि के दिन लोग बिजली के पोल पर झंडा और लाउडस्पीकर लगा रहे थे, लेकिन दूसरे समुदाय के लोगों ने पहले से उपद्रव की प्लानिंग कर रखी थी। उन्होंने बोरियों में पत्थर इकट्ठा कर रखा था। जब भी हिंदुओं का त्योहार आता है, इस तरह की घटना क्यों होती है?

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी को घटना की जानकारी नहीं है और वे ऊटपटांग बयान दे रहे हैं। वह भाजपा-आरएसएस के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

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