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युवराज मौत मामले में एसआईटी की हाईलेवल बैठक, अफसरों से मांगा गया जवाब, 24 जनवरी को दी जा सकती है रिपोर्ट

High-level SIT meeting in Yuvraj's death case, officers sought response, report expected on January 24

नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की दर्दनाक मौत के मामले को लेकर जांच तेज हो गई है। इसी कड़ी में नोएडा अथॉरिटी कार्यालय में बीती रात एक हाईलेवल मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के अध्यक्ष एवं एडीजी भानु भास्कर, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर अजय वर्मा शामिल हुए।

इस बैठक में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम, नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ कृष्ण करुणेश और एसीईओ सतीश पाल से घटना को लेकर विस्तृत जवाब तलब किया गया। बैठक के दौरान एसआईटी ने साफ किया कि इस मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शुक्रवार को घटना से जुड़े सभी तथ्यों और सवालों पर लिखित जवाब दाखिल करें। इसके साथ ही शुक्रवार को एक बार फिर एसआईटी नोएडा पहुंचेगी और अधिकारियों द्वारा सौंपे गए जवाबों की समीक्षा करेगी।

जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने कुल 7 बिंदुओं पर विभागों से स्पष्टीकरण मांगा है। संबंधित अफसरों द्वारा 60 से अधिक पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे एसआईटी को सौंपा जाएगा। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़ी रिपोर्ट भी जांच टीम को दी जाएगी। एसआईटी ने खासतौर पर यह सवाल उठाया है कि घटना के समय कंट्रोल रूम, फील्ड स्टाफ और संबंधित विभागों के बीच किस स्तर का आपसी समन्वय था।

साथ ही यह भी पूछा गया है कि सूचना मिलने के बाद रिस्पॉन्स टाइम कितना रहा और मौके पर युवक को बचाने के लिए क्या-क्या प्रयास किए गए। जांच टीम यह भी जानना चाहती है कि राहत एवं बचाव कार्यों में कहां और किस स्तर पर चूक हुई। इसके अलावा स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट आवंटन से संबंधित जानकारियां भी मांगी गई हैं। एसआईटी ने यह स्पष्ट करने को कहा है कि संबंधित सेक्टर में सड़क, सड़क सुरक्षा, पानी और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाएं कब उपलब्ध कराई गईं और प्लॉट का पजेशन किस तिथि को दिया गया था।

जांच में यह पहलू भी शामिल है कि युवराज की मौत से पहले उसी स्थान पर एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, उसके बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने क्या एहतियाती कदम उठाए। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट 24 जनवरी को शासन को सौंपेगी। इस मामले को लेकर प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज है और पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश सरकार की भी कड़ी नजर बनी हुई है।

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