हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने आज गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के नए नियमों को लागू करने को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह कदम गरीबों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से बाहर करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आज यहां जारी एक बयान में बिंदल ने कहा कि संशोधित नियम जरूरतमंद परिवारों को बीपीएल श्रेणी के तहत मिल रहे लाभों से वंचित करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार व्यवस्था में सुधार करने के बजाय उसे नष्ट कर रही है। उन्होंने कहा, “सरकार व्यवस्था को बदल नहीं रही है, बल्कि गरीबों के लिए बनी व्यवस्था को ही नष्ट कर रही है।”
बिंदल ने दावा किया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में कांग्रेस शासन ने आम आदमी, गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए जीवन को और भी कठिन बना दिया है। उन्होंने कहा कि नए बीपीएल मानदंडों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में परिवार इस श्रेणी से बाहर हो जाएंगे, जिससे उन लोगों को गंभीर कठिनाई होगी जो वास्तव में सरकारी सहायता पर निर्भर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, “सबसे ज्यादा नुकसान उन कमजोर परिवारों को होगा जिन्हें सबसे ज्यादा सहायता की जरूरत है। यह कोई प्रशासनिक सुधार नहीं बल्कि एक सोची-समझी, गरीब-विरोधी रणनीति है।”
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर सुधारों का दावा करते हुए राज्य को व्यवस्थागत पतन की ओर धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने आपदा राहत कोष के कुप्रबंधन का भी आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र ने 300 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश के लिए अतिरिक्त 601 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए थे, लेकिन इन निधियों का उचित उपयोग नहीं किया गया।

