बिहार में अब लोगों को अपनी समस्या अधिकारियों को बताने के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। बल्कि अधिकारी सप्ताह में दो दिन लोगों की बात सुनने के लिए अपने कार्यालय कक्ष में लोगों का इंतज़ार करेंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे लेकर निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर इसको लेकर निर्देश जारी करते हुए लिखा, “कई बार ऐसा देखा गया है कि आम लोग जब अपनी समस्याओं को लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचते हैं तो अधिकारी उपस्थित नहीं रहते हैं, जिसके कारण उन्हें असुविधा होती है। इसे देखते हुए अब राज्य के आमजनों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसे लेकर कदम उठाए गए हैं।”
उन्होंने आगे लिखा, “हर सप्ताह के दो कार्यदिवस (सोमवार एवं शुक्रवार) को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल एवं राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में आम लोग अपनी शिकायतों के निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारी से उनके निर्धारित कार्यस्थल, कार्यालय कक्ष में मिलेंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित दोनों दिवसों पर सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित होकर लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे और उनकी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उसका त्वरित निराकरण करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों को सम्मानपूर्वक बैठाने एवं मिलने के साथ-साथ उनके लिए जरूरी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था की जाएगी। आगंतुकों से प्राप्त शिकायतों की पंजी का संधारण किया जाएगा एवं शिकायतों के सतत् अनुश्रवण की भी व्यवस्था होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह व्यवस्था 19 जनवरी से प्रभावी करने का निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। उन्होंने लोगों से इस व्यवस्था को लेकर 10 जनवरी तक सुझाव भी मांगे हैं।

