मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि भाजपा को 2027 में हिमाचल प्रदेश में सत्ता में वापसी का सपना देखना छोड़ देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि हर पांच साल में सरकार बदलने का पुराना सिलसिला इस बार टूट जाएगा। शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय में युवा कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में एनएसयूआई की संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ भी किया।
अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए सुखु ने कहा कि उन्होंने एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में रिकॉर्ड कार्यकाल तक सेवा की है और कहा कि भाजपा को “सत्ता में वापसी के बारे में भूल जाना चाहिए”। उन्होंने सवाल उठाया कि लोग भाजपा को दोबारा वोट क्यों देंगे, और आरोप लगाया कि उसकी पिछली सरकार ने “राज्य के संसाधनों को लूटा” था।
भर्ती संबंधी अनियमितताओं को लेकर पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सुखु ने कहा कि हमीरपुर स्थित हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में हुए दस्तावेज़ लीक कांड ने लाखों बेरोजगार युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आयोग को भंग करके और दोषियों को जेल भेजकर निर्णायक कार्रवाई की। उन्होंने दावा किया, “हमारी सरकार के अधीन सभी विभागों में भर्तियां हो रही हैं, लेकिन एक भी दस्तावेज़ लीक नहीं हुआ है।”
मुख्यमंत्री ने केंद्र की अग्निवीर भर्ती योजना और एमजीएनआरईजीए कार्यक्रम में किए गए बदलावों की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इन दोनों ने हिमाचल प्रदेश को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर मॉडल ने राज्य के युवाओं में सशस्त्र बलों में शामिल होने के उत्साह को कम कर दिया है।
सुखु ने यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से अपने जनसंपर्क अभियान को तेज करने का आह्वान करते हुए उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों का प्रचार करने और भाजपा के “कुकर्मों” को जनता के सामने उजागर करने का आग्रह किया।


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