मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कहा कि जनगणना लोकतंत्र और विकास की रीढ़ है और राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में सभी को सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना के माध्यम से एकत्रित आंकड़े भविष्य की योजनाओं और नीतियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हिमाचल प्रदेश की जनगणना संचालन-सह-नागरिक पंजीकरण निदेशक दीप शिखा शर्मा ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की और उन्हें जनगणना-2027 के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
शर्मा ने बताया कि जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में मकानों की सूची और आवास जनगणना शामिल होगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। हिमाचल प्रदेश में पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई तक चलेगा।
इस बार ‘स्वयं गणना’ की एक नई सुविधा भी शुरू की गई है, जिसका लाभ 1 जून से 15 जून तक स्वयं गणना पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से उठाया जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें गणनाकर्ता और पर्यवेक्षक सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के सभी घरों और परिवारों की जानकारी एकत्र करने के लिए अपने मोबाइल उपकरणों का उपयोग करेंगे।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बर्फ से ढके क्षेत्रों में जनगणना कार्य का दूसरा चरण 11 से 30 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा, जबकि शेष क्षेत्रों में यह 9 फरवरी से 28 फरवरी, 2027 तक आयोजित किया जाएगा।


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