हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कहा कि चिट्टा और नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ अभियान को तेज किया जाएगा, जिसके लिए पुलिस बल को नवीनतम तकनीक, संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आज सचिवालय से पुलिस विभाग के 18 आधुनिक एंटी-चिट्टा और पेट्रोलिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस बेड़े में 12 एंटी-चिट्टा वाहन, चार मानव तस्करी विरोधी वाहन और बचाव कार्यों के लिए दो एम्बुलेंस शामिल हैं।
इस अवसर पर बोलते हुए सुखु ने कहा कि नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई में प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा, “सरकार पुलिस विभाग को स्मार्ट उपकरण, आधुनिक वाहन, डिजिटल निगरानी प्रणाली और उन्नत संचार उपकरण उपलब्ध करा रही है ताकि नशीली दवाओं की तस्करी जैसे अपराधों पर त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके और तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके।”
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस ये नए एंटी-चिट्टा वाहन न केवल मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने में मदद करेंगे, बल्कि गश्त, निगरानी और त्वरित कार्रवाई में भी सुधार लाएंगे। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार एक प्रौद्योगिकी-आधारित, जवाबदेह और जनहितैषी पुलिस व्यवस्था स्थापित करने पर विचार कर रही है। पुलिस बल के आधुनिकीकरण, आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधनों के चरणबद्ध विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। पुलिस बल को मजबूत करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा, “राज्य पुलिस ने बड़े ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, करोड़ों की अवैध संपत्ति जब्त की है और कई तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है।”
उन्होंने कहा कि अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणाली (सीसीटीएनएस) के तहत हिमाचल प्रदेश ने पहाड़ी राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अंतरसंचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस) के अंतर्गत भी राज्य ने अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।


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