उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार AIIMS-बिलासपुर जाने वाले मरीजों और उनके परिचारकों को सुविधाजनक, किफायती और समय पर परिवहन सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने आगे कहा, “इस पहल के तहत, सरकार ने AIIMS-बिलासपुर के लिए सीधी बस सेवा शुरू की है, जिसके तहत हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HRTC) वर्तमान में राज्य के विभिन्न हिस्सों को सीधे अस्पताल से जोड़ने वाली 10 ई-बस सेवाएं संचालित कर रहा है।” उन्होंने दावा किया कि इन सेवाओं से प्रतिदिन लगभग 1,000 मरीजों और उनके परिचारकों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य AIIMS-बिलासपुर तक सीधी सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को मजबूत करके स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना है, ताकि मरीज और उनके साथ आने वाले लोग सुरक्षित, आरामदायक और किफायती तरीके से यात्रा कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि सीधी बस सेवाएं इसलिए शुरू की गई हैं ताकि मरीज इलाज के लिए AIIMS-बिलासपुर आसानी से और समय पर पहुंच सकें।
उन्होंने कहा कि इन सेवाओं के कारण मरीजों और उनके परिचारकों को रास्ते में बसें बदलने की जरूरत नहीं रही, जिससे वे निर्धारित समय के भीतर अस्पताल पहुंच सके।
फिलहाल, चिंतपूर्णी, ऊना, हारोली, सोलन, मंडी और जाहू से एम्स-बिलासपुर के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवाएं चल रही हैं। इसके अलावा, बिलासपुर जिले के कारलोटी, बंदला, शाह तलाई और घुमारविन से भी एम्स के लिए सीधी बस सेवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया, “घुमारविन से एम्स के लिए रोजाना चार बसें चलती हैं, जबकि बिलासपुर से आठ बसें चलती हैं। आने वाले दिनों में एचआरटीसी की बस सेवाओं के जरिए राज्य के और भी इलाके सीधे एम्स-


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