लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमदित्य सिंह ने आज कहा कि हिमाचल सरकार ने संबंधित अधिकारियों को चार लेन निर्माण परियोजनाओं से उत्पन्न समस्याओं को निर्धारित समय के भीतर हल करने का निर्देश दिया है।
शिमला जिले के ग्राम पंचायत कोट में लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में चार लेन सड़क के निर्माण से प्रभावित ग्रामीणों के हितों की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता की चिंताओं को दूर करने के लिए परियोजना की देखरेख कर रहे अधिकारियों के साथ समय-समय पर निरीक्षण और बैठकें की जा रही हैं।
सिंह ने कहा कि इन निर्देशों में सदियों पुराने पेयजल स्रोतों को बहाल करना, घरों में दरारों की मरम्मत करना, प्रभावित सड़कों का पुनर्निर्माण करना, बिजली और पानी की आपूर्ति बनाए रखना, कृषि गतिविधियों में किसानों और बागवानों द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाइयों को कम करना और सिंचाई योजनाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि चूंकि चार लेन के निर्माण के लिए ग्रामीणों की जमीन अधिग्रहित की गई है, इसलिए संबंधित अधिकारियों को समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले, मंत्री ने 1.14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नवनिर्मित पंचायत भवन का उद्घाटन किया। स्थानीय निवासियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य भर में पंचायतों को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि पुराने पंचायत भवनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जबकि नए पंचायत भवनों का निर्माण एकमुश्त धनराशि के आवंटन और एक समान डिजाइन एवं पैटर्न के तहत किया जा रहा है। इन भवनों में स्थानीय निवासियों के लाभ के लिए पंचायत से संबंधित सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
मंत्री जी ने आगे घोषणा की कि युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए पंचायत में एक ओपन जिम का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने युवाओं और पंचायत प्रतिनिधियों से उपयुक्त भूमि की पहचान करने का आग्रह किया ताकि निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो सके। बाद में, सिंह ने ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान स्थानीय निवासियों की शिकायतों को भी सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी सभी समस्याओं का जल्द ही समाधान किया जाएगा।

