March 31, 2026
Himachal

हिमाचल पर 1 लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज, कैग की रिपोर्ट में कई क्षेत्रों में गंभीर खामियां उजागर

Himachal Pradesh Assembly has approved the budget for 2026-27.

31 मार्च । हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में सामने आया है कि राज्य का कुल कर्ज और देनदारियां पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गई हैं। यह रिपोर्ट सोमवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पेश की।

रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2025 तक राज्य की कुल देनदारियां 1,04,410 करोड़ रुपए पहुंच गईं, जो पिछले साल 96,522 करोड़ रुपए थीं। राज्य पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है और सरकार अपनी जरूरतों के लिए उधारी पर निर्भर बनी हुई है। इस दौरान सरकार ने 26,622 करोड़ रुपए का नया कर्ज लिया और 18,168 करोड़ रुपए वापस किए।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य का राजकोषीय घाटा 12,611 करोड़ और राजस्व घाटा 6,804 करोड़ रहा। इसका मतलब है कि सरकार की आमदनी उसके खर्च को पूरा नहीं कर पा रही। वहीं, लोक लेखा के तहत देनदारियां भी बढ़कर 28,851 करोड़ हो गई हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि राज्य अभी भी केंद्र से मिलने वाली मदद पर काफी निर्भर है। राज्य को करों में हिस्सेदारी और अनुदान के रूप में अच्छी राशि मिली, लेकिन इसके बावजूद आय और खर्च के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है।

वित्तीय स्थिति के अलावा कई विभागों में भी बड़ी खामियां सामने आई हैं। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की भारी कमी पाई गई और कई भर्तियों के दस्तावेज सही नहीं मिले। खनन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और राजस्व नुकसान सामने आया। सिंचाई की कई योजनाएं अधूरी या बेकार पाई गईं, जबकि आपदा प्रबंधन में राहत देने में देरी और गड़बड़ियां सामने आईं। वन विभाग में भी फंड के आकलन में खामियां पाई गईं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि हजारों लेखा आपत्तियां और कई कार्यवाही प्रतिवेदन अब तक लंबित हैं, जिससे प्रशासन की धीमी कार्यप्रणाली सामने आती है।

कुल मिलाकर रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य को वित्तीय अनुशासन मजबूत करने और व्यवस्था में सुधार करने की सख्त जरूरत है, नहीं तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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