हिमाचल प्रदेश सरकार की खेलों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए मंत्री यादविंदर गोमा ने मंगलवार को कहा कि खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने से न केवल प्रतिभाओं का पोषण होगा बल्कि यह युवाओं में नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक प्रभावी उपकरण के रूप में भी काम करेगा।
वे जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के पंचरुखी में आयोजित 22वें अखिल भारतीय डॉ. वाईएस परमार वॉलीबॉल टूर्नामेंट के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सभा को संबोधित कर रहे थे।
विजेता टीमों को बधाई देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश भर के एथलीटों को निरंतर समर्थन देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार राशि 3 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है। रजत पदक विजेताओं को अब 2 करोड़ रुपये के बजाय 3 करोड़ रुपये मिलेंगे, जबकि कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये के बजाय 2 करोड़ रुपये मिलेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि एशियाई खेलों और एशियाई पैरा खेलों में पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि भी बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये कर दी गई है।

