चार नगर निगम (एमसी) चुनावों के परिणाम भाजपा के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित हुए हैं, जिसने मंडी, धर्मशाला और सोलन के तीन निकायों में से चार में जीत हासिल की है, जिससे सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बज गई है।
पालमपुर नगर निगम पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए कांग्रेस को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा, जहां पार्टी ने 15 में से 11 वार्डों में जीत हासिल करके असाधारण प्रदर्शन किया। पालमपुर में मिली इस प्रभावशाली जीत ने आशीष बुटैल के मजबूत नेतृत्व को एक बार फिर साबित कर दिया है, जिन्हें कांग्रेस का झंडा बुलंद रखने का श्रेय दिया जा रहा है।
मंडी, धर्मशाला, पालमपुर और सोलन की चार नगर निगमों के 64 वार्डों के लिए 17 मई को मतदान हुआ। चुनाव पार्टी चिन्हों पर कराए गए।
धर्मशाला और सोलन नगर निगमों में 17-17 वार्डों में तथा मंडी और पालमपुर में 15-15 वार्डों में मतदान हुआ।
रविवार को सुबह 9 बजे मतगणना शुरू हुई।
भाजपा के जीत के दावों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने कहा कि कांग्रेस ने 29 शहरी स्थानीय निकायों में जीत हासिल की है और पंचायत चुनावों में भी उसे भारी समर्थन मिला है, जबकि भाजपा को केवल 21 निकायों में जीत मिली है। विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने कहा कि ये परिणाम कांग्रेस सरकार के जनविरोधी और निराशाजनक प्रदर्शन को दर्शाते हैं, जो अब पतन की ओर अग्रसर है।


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