पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने और आगंतुकों की आवागमन सुविधा में सुधार करने के लिए, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) ने अपने प्रीमियम यूनिट्स जैसे द पैलेस चैल, टी बड, पालमपुर, देवदार खज्जियार और न्यू रोस कॉमन, कसौली में पांच बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन पेश किए हैं।
छह सीटों वाली ये गाड़ियां एक बार चार्ज करने पर 60 किलोमीटर तक चल सकती हैं और इनकी अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा है। इनसे पर्यटकों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और कम गतिशीलता वाले लोगों के लिए आंतरिक परिवहन में काफी सुधार होने की उम्मीद है। एचपीटीडीसी के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार ने द ट्रिब्यून से बात करते हुए कहा, “ये बैटरी से चलने वाली गाड़ियां न केवल परिसर के भीतर पर्यटकों की सुगम आवाजाही को बढ़ावा देंगी, बल्कि बुजुर्ग आगंतुकों के लिए भी वरदान साबित होंगी।”
उन्होंने इसे प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देने और राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव की प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में एक ठोस कदम बताया। उन्होंने कहा कि निगम ने इस पहल में लगभग 50 लाख रुपये का निवेश किया है। सुचारू और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण के साथ-साथ जल्द ही परीक्षण शुरू किए जाएंगे।
राजीव कुमार ने कहा कि एचपीटीडीसी के अध्यक्ष जल्द ही इस पहल का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। उन्होंने आगे कहा, “इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में सरकारी पर्यटन ने एक हरित भविष्य की ओर निर्णायक छलांग लगाई है।”


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