N1Live National आई-पैक रेड विवाद: ईडी की याचिका पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई, सीएम ममता पर तलाशी में दखल देने का आरोप
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आई-पैक रेड विवाद: ईडी की याचिका पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई, सीएम ममता पर तलाशी में दखल देने का आरोप

I-PAC raid controversy: Supreme Court to hear ED plea, CM Mamata accused of interfering in search

सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के ऑफिस और इसके को-फाउंडर प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित घर पर हाल ही में हुई तलाशी के दौरान दखल दिया था।

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर पब्लिश कॉज लिस्ट के अनुसार, जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और विपुल एम पंचोली की बेंच मंगलवार को इस मामले की सुनवाई फिर से शुरू करेगी।

अपनी याचिका में ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता पुलिस कमिश्नर के खिलाफ एक साथ रेड ऑपरेशन के दौरान कानूनी कर्तव्यों में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने तलाशी के सिलसिले में पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी थी, यह देखते हुए कि याचिकाएं एक केंद्रीय जांच में राज्य एजेंसियों द्वारा कथित हस्तक्षेप के गंभीर सवाल उठाती हैं।

मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए, जस्टिस मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने उन्हें अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था और मामले को 3 फरवरी को आगे की सुनवाई के लिए लिस्ट किया था।

अपने अंतरिम आदेश में अदालत ने तलाशी वाले परिसरों के साथ-साथ आसपास के इलाकों की रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल स्टोरेज डिवाइस को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया था, यह देखते हुए कि, प्रथम दृष्टया, याचिकाओं में प्रवर्तन निदेशालय या अन्य केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच और राज्य एजेंसियों द्वारा इसमें हस्तक्षेप से संबंधित एक गंभीर मुद्दा उठाया गया है।

इसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर ऐसे मामलों को बिना सुलझाए छोड़ दिया गया, तो एक या ज्यादा राज्यों में अराजकता की स्थिति पैदा हो सकती है।

ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस घटना को एक ऐसा मामला बताया जहां लोकतंत्र की जगह भीड़तंत्र ने ले ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों को डराया-धमकाया गया और उन्हें अपने कानूनी कर्तव्यों का पालन करने से रोका गया।

दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने ईडी की याचिका की स्वीकार्यता पर आपत्ति जताई, फोरम शॉपिंग का आरोप लगाया और तर्क दिया कि कलकत्ता हाई कोर्ट में पर्याप्त उपाय उपलब्ध थे, जहां इसी तरह की याचिकाएं पहले से ही लंबित थीं।

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