June 24, 2026
Entertainment

‘शहर नहीं, प्रकृति की गोद में बीता बचपन’, जिम सर्भ ने बताया सिडनी में कैसे खास बना बचपन

‘I spent my childhood in nature, not in the city’: Jim Sarbh reveals how his childhood in Sydney became special.

अभिनेता जिम सर्भ जल्द ही अपकमिंग ओटीटी शो ‘मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ में नजर आएंगे। शो के प्रमोशन में व्यस्त अभिनेता ने अपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए बताया कि सिडनी के आसपास के इलाकों में उनका बचपन प्रकृति की गोद में बीता, जो बेहद सरल, सुंदर और यादगार था।

जिम सर्भ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि वह साल 1991 में सिडनी शिफ्ट हुए थे। वह शहर के व्यस्त इलाके में नहीं, बल्कि सिडनी के उपनगरीय इलाके में एक पुराने स्कूल जैसी हवेली (पुरानी बिल्डिंग) में रहते थे।

अभिनेता ने बताया कि सिडनी के उस इलाके में पब्लिक स्कूल जाते थे और सभी बच्चे एक-दूसरे से जुड़े रहते थे। उनके अनुसार, यह जीवनशैली उनकी व्यक्तित्व को आकार देने में बेहद महत्वपूर्ण रही।

उन्होंने बताया, “मेरा बचपन बहुत सिंपल और प्यारा था। हमारे घर के सामने पार्क था और हर घर में बैकयार्ड था। बच्चे आसानी से एक-दूसरे के घर जा सकते थे और बाहर खेल सकते थे।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारा बैकयार्ड कॉकटू (तोते) से भरा रहता था। अगर हम खाना फेंकते तो कूकाबुरा (एक प्रकार का पक्षी) आकर उसे खा जाते। घूमने पर वॉम्बैट (एक जानवर) भी दिख जाते थे।”

जिम का मानना है कि बच्चों को शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति के करीब बड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर माता-पिता को मौका मिले तो उन्हें बच्चों को शहर से बाहर ले जाना चाहिए, ताकि उन्हें प्राकृतिक परिवेश में परवरिश मिल सके।

जिम सर्भ ने बताया कि बचपन में वह टीवी के बहुत शौकीन थे। उनकी मां उन्हें टीवी के सामने बिठा देतीं तो वह घंटों खबरें या मौसम की रिपोर्ट देखते रहते। उन्होंने माना कि अगर उस समय आज की आधुनिक टेक्नोलॉजी होती तो वह उसे भी खूब इस्तेमाल करते।

जिम सर्भ वर्तमान में अपने नए ओटीटी शो ‘मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ को लेकर उत्साहित हैं और उसी प्रमोशन में व्यस्त हैं। शो की कहानी 1990 के दशक के भारत में लिबरलाइजेशन से पहले की घटनाओं पर आधारित है।

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