9 जुलाई । महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की हालिया मुलाकात के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश रामदास कदम ने संजय राउत पर निशाना साधा और कहा कि शरद पवार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना यह दिखाता है कि संजय राउत किसी के भी सच्चे नहीं हो सकते।
योगेश कदम ने कहा, “संजय राउत कभी शिवसेना के नहीं थे, बल्कि वे शरद पवार के शिष्य रहे हैं। अब जब उन्हें अपने गुरु की कोई बात पसंद नहीं आई, तो उन्होंने उन्हीं पर अविश्वास जताना शुरू कर दिया।”
जब उनसे पूछा गया कि यदि भविष्य में शरद पवार एनडीए में शामिल होते हैं तो क्या उनका स्वागत किया जाएगा, इस पर योगेश कदम ने कहा, “बिलकुल स्वागत करेंगे। शरद पवार ने महाराष्ट्र के लिए बहुत काम किया है। आज वह राज्य के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। अगर वे एनडीए में आते हैं तो मुझे भी उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलेगा।”
वहीं, ‘महाराष्ट्र मिसिंग लिंक’ परियोजना को लेकर उठ रहे सवालों पर भी योगेश कदम ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह वही परियोजना है जिसे कांग्रेस ने ठुकरा दिया था। कांग्रेस के पास न तो इसे पूरा करने का साहस था और न ही आर्थिक तथा तकनीकी चुनौतियों का सामना करने की क्षमता।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इस चुनौतीपूर्ण परियोजना को सफल बनाया, जिसे कभी असंभव माना जाता था। इस परियोजना से राज्य में कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार हुआ है।
परियोजना क्षेत्र में हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) पर योगेश कदम ने कहा कि इसे बहुत बड़ा नुकसान नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “मेरे ख्याल से लैंडस्लाइड कोई इतना बड़ा डैमेज नहीं है। भविष्य में इससे बचाव के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, सरकार उन्हें जरूर उठाएगी। लेकिन इस छोटे से नुकसान के आधार पर पूरे प्रोजेक्ट को बदनाम करना और महाराष्ट्र की छवि खराब करना बिल्कुल गलत है।”

