September 4, 2026
National

चढ़ावा चोरी के आरोपियों को बचाने की कोशिश करेगी सरकार तो होगी विदाई: अवधेश प्रसाद

If the government attempts to shield the accused involved in the theft of temple offerings, it will face ouster: Awadhesh Prasad.

अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय व्यक्त की। राम मंदिर ट्रस्ट में नए सीईओ की नियुक्ति के बाद अब नई टीम का ऐलान होने जा रहा है। इस पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि मेरा हिसाब से इस नई टीम का कोई मतलब नहीं बनता है। इस टीम में सभी पुराने लोग ही शामिल हैं।

सपा सांसद ने कहा कि गौर करने वाली बात है कि टीम में शामिल सभी लोग संघी हैं। इन सभी लोगों पर चढ़ावा चोरी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।सरकार बेशक इन्हें बचाने में जुटी हो, लेकिन मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ विषय है। जब-जब धर्म की हानि होती है, तो कोई न कोई शक्ति जरूर अवतरित होती है। इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि इन लोगों पर चढ़ावा चोरी के संबंध में कई तरह के गंभीर आरोप लगे हैं। इन लोगों ने जो काम किया है, उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि ये लोग बचने की कितनी भी कोशिश करें, मगर बच नहीं पाएंगे। इन लोगों का सर्वनाश तय है।

सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि अगर सरकार इन लोगों को बचाने की कोशिश करेगी तो सरकार भी जाएगी। सरकार की भी विदाई तय होगी और विदाई की शुरुआत साल 2027 से शुरू हो जाएगी। 2027 में भाजपा की सरकार पूरी तरह से पराजित होने जा रही है।

सपा सांसद ने कहा कि जिसे जो अवधारणा फैलानी है, वो फैला सकता है, लेकिन इस बात को किसी भी सूरत में खारिज नहीं किया जा सकता कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता सर्वोपरि है। उसके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है। अगर प्रदेश की जनता का भरोसा किसी पर बढ़ा है, तो वो सपा प्रमुख अखिलेश यादव हैं। लोगों का विश्वास उन पर बढ़ा है।

अवधेश प्रसाद ने संजय निषाद के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने आकाश आनंद के संदर्भ में कहा कि उनका हमारी पार्टी में स्वागत है। सपा सांसद ने कहा कि आज की तारीख में ऐसे लोगों का कोई वजूद नहीं रह गया है। लिहाजा इस पर कमेंट करना मैं अपने स्तर के विरुद्ध मानता हूं।

साथ ही, उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की ओर से सवर्ण आयोग बनाने की मांग पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर मैं किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं कर सकता हूं। इस तरह की मांग का कोई मतलब नहीं है।

उन्होंने सीएम योगी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम भगवान राम और कृष्ण के वशंज हैं, इसलिए आपकी भावनाओं को समझते हैं, लेकिन जो बाबर के अनुयायी हैं, वो भला आपकी भावनाओं को कैसे समझेंगे? इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अवधेश प्रसाद ने कहा कि जैसे -जैसे 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक आते जाएगा, वैसे-वैसे इन लोगों की परेशानी बढ़ती जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह अफसोस की बात है कि सीएम योगी बेरोजगारी, महंगाई, दलित उत्पीड़न और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चिंता करनी चाहिए, लेकिन अफसोस की बात है कि राज्य सरकार इस दिशा में किसी भी प्रकार काम करती हुई नजर नहीं आ रही है। सीएम योगी को इस बारे में चिंता रहती है कि कहीं उनकी पहचान तो कम नहीं हो रही है, लिहाजा अपनी पहचान को बरकरार रखने के लिए वो इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं।

अवधेश प्रसाद ने कहा कि मैं जन्माष्टमी के मौके पर प्रदेश की देवतुल्य जनता को अभिनंदन करता हूं। मैं उन्हें बधाई देता हूं। जन्माष्टमी भाईचारे के त्योहार का प्रतीक है।

उधर, सीजेपी के संदर्भ में सवाल किए जाने पर सपा सांसद ने कहा कि अगर आज की तारीख में देश की जनता का विश्वास किसी राजनीतिक दल के प्रति बढ़ रहा है, तो वो समाजवादी पार्टी है। देश और प्रदेश की देवतुल्य जनता का विश्वास अखिलेश यादव पर बढ़ता जा रहा है। इस खास मौके पर सभी लोग अखिलेश यादव से मिलना चाह रहे हैं।

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