वन्यजीव विभाग की एक टीम ने यमुनानगर जिले के एक गांव में एक कार से अवैध खैर की लकड़ी जब्त की और वाहन को जब्त कर लिया। जानकारी के अनुसार, दरपुर बीट के प्रभारी वन रक्षक संदीप सिंह 21 जनवरी को दरपुर वन क्षेत्र में नियमित गश्त पर थे, जब उन्होंने कंपार्टमेंट सी-3 में चार खैर के पेड़ों के ताजे ठूंठ देखे, जो हाल ही में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई का संकेत देते हैं।
उन्होंने तुरंत क्षति रिपोर्ट तैयार की, फोटोग्राफिक साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू कर दी। अगले दिन रात करीब 9 बजे संदीप सिंह को सूचना मिली कि उक्त चार खैर के पेड़ों को दरपुर गांव के निवासी हाशिम, शकील, नसीम, महबूब, नसीम और कुर्बान तथा जतनवाला गांव के इस्लाम और उनके साथियों ने अवैध रूप से काट दिया था।
उन्हें यह भी सूचना मिली कि खैर की लकड़ियाँ दरपुर गाँव में हाशिम के घर में छिपाई गई हैं। वहाँ से, लकड़ियों को कार में भरकर जतनवाला गाँव में नूर मोहम्मद के घर ले जाया जाना था। त्वरित कार्रवाई करते हुए, वन्यजीव विभाग की एक टीम ने पुलिस के साथ मिलकर 22 जनवरी को रात लगभग 9:50 बजे हाशिम के घर पर छापा मारा। हालांकि आरोपी भागने में सफल रहा, लेकिन टीम ने कार में लदी अवैध खैर की लकड़ी जब्त कर ली। बरामद लकड़ी में 25 खैर के लट्ठे थे जिनका कुल आयतन 0.373 घन मीटर था।
खैर की लकड़ी को कब्जे में लेकर वन्यजीव विभाग के निरीक्षक के कार्यालय में जमा करा दिया गया। वन्यजीव विभाग के इंस्पेक्टर लिलू राम ने बताया कि दरपुर गांव के निवासी हाशिम, शकील, नसीम, महबूब, नसीम, कुर्बान और जतनवाला गांव के निवासी इस्लाम और नूर मोहम्मद तथा उनके साथियों के खिलाफ छछरौली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि उन पर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अवैध रूप से पेड़ काटने और प्राकृतिक आवास को नष्ट करने का मामला दर्ज किया गया है।

