यमुनानगर स्थित खान एवं भूविज्ञान विभाग ने इस वर्ष जनवरी और फरवरी में अवैध खनन और खनन खनिजों के अनधिकृत परिवहन के आरोप में 142 वाहनों को जब्त किया। इसके अलावा, जिले में अवैध खनन गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों, वाहनों, स्क्रीनिंग प्लांट और स्टोन क्रशर संचालकों के खिलाफ 22 मामले दर्ज किए गए हैं। जब्त किए गए कुछ वाहनों के मालिकों ने सरकारी खजाने में जुर्माने के तौर पर 40 लाख रुपये से अधिक जमा किए हैं।
उपायुक्त प्रीति ने जिले में अवैध खनन और खनन खनिजों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए अपने कार्यालय में जिले के सभी एसडीएम, खनन विभाग, सिंचाई विभाग, प्रदूषण विभाग और हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जिले में अवैध खनन और खनन खनिजों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए सभी विभाग अथक प्रयास कर रहे हैं। प्रीति ने कहा, “अवैध खनन गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
बैठक में अंडर ट्रेनिंग आईएएस अधिकारी सुमन यादव, जगाधरी के एसडीएम विश्वनाथ, व्यासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल, रादौर के एसडीएम नरेंद्र कुमार, छछरौली के एसडीएम रोहित कुमार, सहायक खनन अभियंता डॉ. राजेश कुमार, डीआईओ विनय गुलाटी, डीपीआरओ डॉ. मनोज कुमार, हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के थाना प्रभारी राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

