October 1, 2026
World

फ्रांस में नौसेना का त्रिशूल, ‘वरुण’ में दिखी भारत-फ्रांस की समुद्री साझेदारी

India-France maritime partnership showcased in ‘Varuna’, the French Navy’s trident.

 

नई दिल्ली भारत और फ्रांस की नौसेनाओं के बीच होने वाला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘वरुण’ एक बार फिर दोनों देशों की मजबूत समुद्री साझेदारी का प्रतीक बना है। भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल फ्रांस के टूलॉन बंदरगाह पहुंचा। यहां भारतीय युद्धपोत ने अभ्यास ‘वरुण’ के 24वें संस्करण में हिस्सा लिया।

अभ्यास में एनएच90 हेलीकॉप्टरों और अटलांटिक-2 समुद्री गश्ती विमानों ने भी हिस्सा लिया। दोनों नौसेनाओं ने पनडुब्बी रोधी युद्ध, सतह पर मौजूद लक्ष्यों के खिलाफ अभियान और वास्तविक फायरिंग अभ्यास किए। इसके अलावा दोनों नौसेनाओं के हेलीकॉप्टरों की एक-दूसरे के जहाजों पर उतरने की गतिविधियां भी की गईं। इन अभ्यासों से समुद्र में दोनों नौसेनाओं के बीच संचालन क्षमता, तालमेल और आपसी समझ को और बेहतर करने का अवसर मिला। सबसे पहले टूलॉन पहुंचने पर फ्रांसीसी नौसेना ने आईएनएस त्रिशूल का गर्मजोशी से स्वागत किया। जहाज को औपचारिक जल तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद बंदरगाह चरण में दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां हुईं।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ, समुद्री सहयोग और पेशेवर संबंधों को और मजबूत करना था। आईएनएस त्रिशूल के कमांडिंग ऑफिसर ने फ्रांसीसी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने रियर एडमिरल मैकारा ऊक, संचालन के लिए उपकमांडर-इन-चीफ से भी मुलाकात की। इस दौरान समुद्री अभियानों और दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। फ्रांस यात्रा के दौरान आईएनएस त्रिशूल के कमांडिंग ऑफिसर, अधिकारियों और जवानों ने मार्सेय के मजार्ग युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस स्मारक पर प्रथम और द्वितीय विश्व युद्धों के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले 205 भारतीय सैनिकों की स्मृति जुड़ी है।

यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक सैन्य संबंधों की याद भी दिलाता है। भारतीय नौसैनिकों ने इन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर उनके बलिदान को नमन किया। अभ्यास के दौरान दोनों नौसेनाओं के जवानों और अधिकारियों ने एक-दूसरे के जहाजों का दौरा किया। आईएनएस त्रिशूल के चालक दल ने फ्रांसीसी नौसेना के प्रमुख युद्धपोतों चार्ल्स द गॉल, फोर्बिन और ला फायेत्ते का दौरा किया। इस दौरान भारतीय नौसैनिकों ने विमानवाहक पोत से जुड़े अभियानों, विमानन सुविधाओं और जहाज पर अपनाई जाने वाली संचालन प्रक्रियाओं को करीब से समझा। दोनों पक्षों के बीच परिचालन अनुभव भी साझा किए गए। इससे संयुक्त अभियानों के दौरान आपसी तालमेल बढ़ाने में मदद मिली।

टूलॉन में आईएनएस त्रिशूल पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें फ्रांसीसी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी, टूलॉन के उप महापौर वाइस एडमिरल (सेवानिवृत्त) लॉरेंट इसनार्ड और अन्य नागरिक गणमान्य लोग शामिल हुए। दोनों नौसेनाओं के जवानों के बीच मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल मुकाबला भी हुआ। खेल के इस आयोजन ने सैन्य सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच दोस्ती को भी मजबूत किया। बंदरगाह चरण के बाद अभ्यास का समुद्री चरण आयोजित किया गया।

इसमें आईएनएस त्रिशूल ने फ्रांसीसी नौसेना की विभिन्न इकाइयों के साथ समुद्र में अभ्यास किया। इनमें एफडीए फोर्बिन, एफएलएफ ला फायेत्ते और एसएनए सफ्रेन शामिल रहे। आईएनएस त्रिशूल की टूलॉन यात्रा और वरुण अभ्यास ने एक बार फिर भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत समुद्री संबंधों को सामने रखा। अभ्यास के जरिए दोनों नौसेनाओं ने न केवल युद्धक क्षमताओं का अभ्यास किया, बल्कि एक-दूसरे के संचालन तरीकों और अनुभवों को समझने का भी अवसर हासिल किया। इससे भविष्य में संयुक्त समुद्री अभियानों के लिए दोनों नौसेनाओं के बीच तालमेल और पेशेवर सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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