केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) दोनों देशों के व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही, इससे वैल्यू चेन मजबूत होगी और दोनों देश के बीच आर्थिक संबंध गहरे होंगे।
न्यूजीलैंड के अपने समकक्ष टॉड मैक्ले के साथ राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित भारत-न्यूजीलैंड बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत का विशाल बाजार, कुशल प्रतिभा, डिजिटल क्षमताएं और विनिर्माण क्षेत्र की ताकतें कृषि-तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और फिनटेक में न्यूजीलैंड की विशेषज्ञता की पूरक हैं।
गोयल ने कहा, “दोनों पक्षों के व्यापारिक नेताओं की सशक्त भागीदारी और साझा किए गए विचारों ने हमारे देशों के बीच गहन व्यापार, निवेश और नवाचार-आधारित सहयोग की अपार संभावनाओं को सामने लाया है।”
रिकॉर्ड नौ महीनों में संपन्न हुआ यह मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। वर्तमान में वस्तुओं का व्यापार 1.3 अरब डॉलर और सेवाओं का 634 मिलियन डॉलर होने का अनुमान है, और दोनों देशों का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में इसे 5 अरब डॉलर तक बढ़ाना है। न्यूजीलैंड में लगभग 3 लाख भारतीयों का मजबूत प्रवासी समुदाय इस साझेदारी में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है।
इस एफटीए के तहत न्यूजीलैंड को होने वाले 100 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर टैरिफ छूट मिलेगी। वहीं, न्यूजीलैंड से भारत आने वाले 95 प्रतिशत सामान पर टैरिफ में छूट दी गई है या फिर टैरिफ कम कर दिया गया है।
इस मुक्त व्यापार समझौते में एक प्रावधान यह भी है कि न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईयू) द्वारा भारत के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते में किए गए 100 अरब डॉलर के निवेश की ‘प्रतिबद्धता’ के समान है।


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