June 24, 2026
National

मोदी सरकार के 12 वर्षों में विश्व गुरु बनने की दिशा में भारत: उमर अहमद इलियासी

India on its way to becoming a world leader in 12 years of Modi government: Omar Ahmed Ilyasi

27 मई । ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी ने मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री की कार्यशैली और देश के विकास को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ‘विश्व गुरु’ बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

उमर अहमद इलियासी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का नारा केवल एक राजनीतिक संदेश नहीं, बल्कि देश की एकता और समावेशी विकास की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को मिलकर देश को मजबूत बनाने और भारतीयता को आगे बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “राष्ट्र सर्वोपरि है, और हम सभी को मिलकर भारत की एकता, अखंडता और विकास के लिए योगदान देना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।”

वहीं, सड़कों पर नमाज पढ़ने के मुद्दे पर भी उमर अहमद इलियासी ने स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि नमाज इस्लाम में इबादत का एक महत्वपूर्ण तरीका है, लेकिन इसके लिए कुछ नियम और शर्तें भी निर्धारित हैं।

उन्होंने कहा कि दिन में पांच बार नमाज पढ़ना हर मुसलमान पर फर्ज है, लेकिन नमाज के लिए साफ-सुथरी और अनुमति प्राप्त जगह होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चाहे सरकारी जमीन हो या निजी संपत्ति, बिना अनुमति के वहां नमाज अदा करना उचित नहीं है।

उमर अहमद इलियासी ने कहा, “जब केंद्र और राज्य सरकारों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं है तो सभी को इन नियमों का पालन करना चाहिए। नमाज मस्जिदों या निर्धारित स्थानों पर ही अदा की जानी चाहिए।”

ईद-उल-अजहा के अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पर्व त्याग, समर्पण और भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस्लाम में कुर्बानी की परंपरा ‘सुन्नत-ए-इब्राहीमी’ के रूप में सदियों से चली आ रही है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि त्योहार मनाते समय सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित मवेशियों की कुर्बानी नहीं दी जा सकती।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कानून और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांति, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ ईद-उल-अजहा का पर्व मनाएं।

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