N1Live National भारतीय सेना की आतंकवाद को दोटूक, “पहलगाम के गुनहगारों को मिला त्वरित न्याय”
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भारतीय सेना की आतंकवाद को दोटूक, “पहलगाम के गुनहगारों को मिला त्वरित न्याय”

Indian Army's blunt rebuke to terrorism: "Pahalgam perpetrators get swift justice"

27 अप्रैल । ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ से कुछ दिन पहले, भारतीय सेना ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया जिसमें बताया गया है कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर ने महज 22 मिनट में आतंकवादियों की संरचना को ध्वस्त कर दिया।

सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “दृढ़ संकल्प। स्पष्टता। मिशन पर पूरा ध्यान। न्याय मिला – त्वरित और सटीक। सबूत बहस नहीं करते – वे फैसला करते हैं।”

यह पोस्ट भारतीय सेना की निर्णायक सैन्य कार्रवाई- ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से कुछ ही दिन पहले प्रकाशित की गई है।

इस पोस्ट में एक तस्वीर भी शामिल थी, जिसके कैप्शन में लिखा था, “22 मिनट का घटनाक्रम और फिर उनकी कमान ध्वस्त हो गई।”

वहीं इससे पहले रविवार को भी सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि “सटीक लक्ष्य भेदना। आतंकवाद पर निशाना। स्थायी परिणाम।”

इस पोस्ट के साथ ‘9 आतंकी शिविर नष्ट’ और ‘भारत नहीं भूलता’ शीर्षक वाली एक तस्वीर भी थी, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए हमलों के दौरान एक कमांड सेंटर को दर्शाया गया था।

बता दें कि पहलगाम का जख्म और न्याय की हुंकार यह पूरा घटनाक्रम 22 अप्रैल 2025 की उस काली तारीख से जुड़ा है, जब पहलगाम में लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटे ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने धर्म पूछकर 26 निर्दोष पर्यटकों की नृशंस हत्या कर दी थी। इस घाव को भारत भूला नहीं है।

वहीं, सेना ने चेतावनी देते हुए कहा था कि जब इंसानियत की हदें पार की जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। इस हमले के जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इसके तहत पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में स्थित लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के नौ आतंकी कैंपों को मिट्टी में मिला दिया गया था।

यह ऑपरेशन केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का प्रमाण था। आत्मनिर्भर भारत : नई मुद्रा, नई तैयारी सेना ने अपने पोस्ट में ‘ऑपरेशन महादेव’ का भी जिक्र किया, जिसके तहत 93 दिनों तक दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाकर पहलगाम हमले के मुख्य दोषियों को ठिकाने लगाया गया था।

पहलगाम की बरसी से पहले, भारतीय सेना ने न्याय के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया और कड़ी चेतावनी जारी की कि “मानवता की सीमाओं” का कोई भी उल्लंघन निर्णायक प्रतिक्रिया को आमंत्रित करेगा।

इससे पहले भारतीय सेना ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कड़े शब्दों वाले पोस्ट में कहा, “जब मानवता की सीमाएं पार की जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिल गया है। भारत एकजुट है।”

इस पोस्ट के साथ एक संदेश भी था जिसमें लिखा था, “कुछ सीमाएं कभी पार नहीं की जानी चाहिए,”, जिसमें भारत का एक नक्शा दिखाया गया था जिस पर लाल ‘सिंदूर’ पाउडर से निशान लगाए गए थे, जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवादियों के खिलाफ सेना की निर्णायक कार्रवाई का प्रतीक था।

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