January 10, 2026
National

पशुधन क्षेत्र से लगातार मजबूत हो रही भारत की कृषि अर्थव्यवस्था, हर साल औसतन 12.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी : रिपोर्ट

India’s agricultural economy continues to grow with the livestock sector growing at an average of 12.77 percent annually: Report

सरकार के अनुसार, पशुधन क्षेत्र भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत बना रहा है। यह क्षेत्र साल 2014-15 से अब तक हर साल औसतन 12.77 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ने में मदद मिल रही है।

मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के कुल सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) में पशुधन का योगदान वर्ष 2014-15 में 24.38 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 30.87 प्रतिशत हो गया। वहीं, साल 2023-24 में पशुधन क्षेत्र ने कुल सकल बाजार मूल्य (जीवीएसी) में, वर्तमान कीमतों पर, 5.49 प्रतिशत का योगदान दिया।

भारत दुनियाभर में दूध उत्पादन में पहले स्थान पर है और दुनिया भर में इसकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है। पिछले 11 वर्षों में दूध उत्पादन 5.41 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ा है। साल 2014-15 में दूध उत्पादन 146.31 मिलियन टन था, जो बढ़कर 2024-25 में 247.87 मिलियन टन हो गया।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि साल 2023 की तुलना में 2024 में वैश्विक दूध उत्पादन सिर्फ 1.12 प्रतिशत बढ़ा। चालू वित्त वर्ष में भारत में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 485 ग्राम प्रतिदिन है, जबकि दुनिया का औसत 328 ग्राम प्रतिदिन है। इससे साफ है कि भारत में दूध की उपलब्धता ज्यादा है।

खाद्य एवं कृषि संगठन कॉर्पोरेट सांख्यिकी डेटाबेस (एफएओस्टेट) के आंकड़ों के अनुसार, भारत अंडा उत्पादन में दूसरे और मांस उत्पादन में चौथे स्थान पर है। देश में अंडा उत्पादन 2014-15 में 78.48 अरब था, जो बढ़कर 2024-25 में 149.11 अरब हो गया। पिछले 11 वर्षों में यह 6.63 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है।

वित्त वर्ष 2024-25 में प्रति व्यक्ति अंडे की उपलब्धता 106 अंडे प्रति वर्ष है, जबकि 2014-15 में यह संख्या 62 अंडे थी। देश में मांस उत्पादन 2014-15 में 6.69 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 10.50 मिलियन टन हो गया। मांस उत्पादन भी पिछले 11 वर्षों में 4.61 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ा है।

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