जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और स्थानीय पुलिस के समन्वित प्रयास से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ईंट भट्टे से संचालित एक अंतर-राज्यीय प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। विभिन्न क्षेत्रों के एजेंटों से जुड़े इस रैकेट का भंडाफोड़ 12 मार्च को हुआ।
स्वास्थ्य अधिकारियों को इस रैकेट के बारे में सूचना मिली और उन्होंने एक फर्जी ग्राहक के माध्यम से एजेंट सतिंदर से संपर्क कराया, जो दिल्ली के नांगलोई स्थित एक निजी अस्पताल में काम करता था।
झज्जर के सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि फर्जी ग्राहक ने उद्योग विहार मेट्रो स्टेशन पर सतिंदर से मुलाकात की और 35,000 रुपए दिए। इसके बाद सतिंदर ने ग्राहक के ड्राइवर को गाजियाबाद चलने को कहा।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गाड़ी को ट्रैक किया और गाजियाबाद में सतिंदर ने ग्राहक को दूसरे एजेंट नरेंद्र के पास भेज दिया। उन्होंने बताया कि टीम ने नरेंद्र को पकड़ लिया, जबकि अवैध लिंग निर्धारण परीक्षण करने वाला कपिल कसाना भागने में सफल रहा।
सतिंदर और कपिल को पहले भी दिल्ली में अवैध लिंग परीक्षण मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।
कपिल गाजियाबाद में दर्ज पीसी-पीएनडीटी मामले में आरोपों का सामना कर रहे हैं। गाजियाबाद के टीला मोड़ थाने में सतिंदर, नरेंद्र और कपिल कसाना के खिलाफ पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारियों ने अवैध गतिविधि में प्रयुक्त एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त कर ली।
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