October 23, 2026
National

भारत में कोयला गैसीकरण को गति देने के लिए 46,000 करोड़ रुपये का निवेश: जी. किशन रेड्डी

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि भारत में कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को गति दी जा रही है। इसके लिए 46,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है, जिससे देश में उर्वरक और गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ाने तथा आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

नई दिल्ली में आयोजित ‘अग्रसर भारत मंच’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि कोयला एक महत्वपूर्ण औद्योगिक कच्चा माल है। सरकार कोयला गैसीकरण के माध्यम से कोयले को सिंथेटिक गैस (सिनगैस), अमोनिया, यूरिया और मेथनॉल में बदलने की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि कोयला अब भी भारत की प्राथमिक ऊर्जा जरूरतों का लगभग 55 प्रतिशत पूरा करता है और देश के कुल बिजली उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 74 प्रतिशत है। सरकार का लक्ष्य निकट भविष्य में व्यावसायिक स्तर पर कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देना है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सतही कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान वाली योजना को मंजूरी दी है। यह कदम देश में कोयला गैसीकरण कार्यक्रम को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इस योजना का उद्देश्य वर्ष 2030 तक 10 करोड़ टन कोयले के गैसीकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में मदद करना है। इसके जरिए ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी), यूरिया, अमोनिया तथा मेथनॉल जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करने की योजना है।

किशन रेड्डी ने कहा कि सरकार महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ विदेशों में खनन परिसंपत्तियों की तलाश, अन्वेषण और खनिजों के निष्कर्षण पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), दूरसंचार उपकरणों, सौर ऊर्जा इकाइयों और रक्षा उपकरणों जैसे उच्च तकनीक वाले उत्पादों के निर्माण में महत्वपूर्ण खनिजों की अहम भूमिका है। ऐसे में इनकी आपूर्ति सुनिश्चित करना भारत के लिए जरूरी है।

मंत्री ने कहा, “हम फिलहाल अर्जेंटीना की खदानों में अन्वेषण कर रहे हैं और साथ ही अन्य देशों के साथ भी बातचीत जारी है।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार भारतीय उद्यमियों को महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण और प्रसंस्करण के लिए विदेशों में काम करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। वर्ष 2025 में खान मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (एमईसीएल) ने अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत की सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण और संसाधन विकास के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाना है।

किशन रेड्डी ने कहा कि लिथियम के विशाल भंडार वाला अर्जेंटीना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है। यह खनिज इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों और नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में रेयर अर्थ एलिमेंट कॉरिडोर विकसित कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भारत रेयर अर्थ तत्वों के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेगा। इस पहल का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता बढ़ाना, घरेलू औद्योगिक क्षमता को मजबूत करना और रणनीतिक क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम करना है।

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