N1Live Entertainment 12-14 घंटे तक नकारात्मक किरदार में रहना आसान नहीं : जयति भाटिया
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12-14 घंटे तक नकारात्मक किरदार में रहना आसान नहीं : जयति भाटिया

It is not easy to stay in a negative character for 12-14 hours: Jayati Bhatia

टीवी अभिनेत्री जयति भाटिया लंबे समय से छोटे पर्दे पर दमदार अभिनय के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अपने करियर में कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं, लेकिन नकारात्मक भूमिकाओं में उनकी पहचान सबसे ज्यादा मजबूत रही है। इन दिनों वह टीवी शो ‘जाने अनजाने हम मिले’ में शारदा उर्फ शालिनी बत्रा का किरदार निभा रही हैं, जिसे दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं।

पर्दे पर खलनायिका का किरदार निभाना जितना आसान दिखाई देता है, असल में उसे घंटों तक जीना किसी कलाकार के लिए बड़ी चुनौती है। जयति भाटिया ने इसी अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल से ज्यादा समय तक एक नकारात्मक किरदार निभाना उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण अनुभवों में से एक रहा है।

टीवी शो ‘जाने अनजाने हम मिले’ में शारदा उर्फ शालिनी बत्रा का किरदार निगेटिव है। अभिनेत्री ने बताया कि कहानी में जैसे-जैसे नए मोड़ आते गए, वैसे-वैसे शारदा का नकारात्मक पक्ष भी मजबूत होता गया। ऐसे में रोजाना 12 से 14 घंटे तक उसी सोच और भावनाओं के साथ काम करना एक बड़ी चुनौती बन गया।

उन्होंने कहा, ”पिछले डेढ़ साल से ज्यादा समय से इस किरदार को निभाना मेरे अभिनय सफर का बेहद खास हिस्सा रहा है। हर नए एपिसोड और हर नए ट्रैक के साथ शारदा का स्वभाव और ज्यादा चालाक, साजिश करने वाला और नकारात्मक होता गया। ऐसे में हर दिन 12 से 14 घंटे तक उसी मानसिक स्थिति में बने रहना आसान नहीं होता। इस किरदार ने मेरे अभिनय के स्तर को काफी मजबूत बनाया है और हर दिन कुछ नया सीखने का मौका दिया है।”

अभिनेत्री ने साफ किया कि वह शूटिंग खत्म होने के बाद खुद को किरदार से पूरी तरह अलग कर लेती हैं। उन्होंने कहा, ”जैसे ही पैकअप होता है, मैं शारदा को सेट पर ही छोड़ देती हूं और फिर दोबारा जयति बन जाती हूं। मेरे लिए यह जरूरी है, ताकि मैं अपनी निजी जिंदगी को इस किरदार से प्रभावित न होने दूं। अगर कलाकार ऐसा न करे तो लगातार नकारात्मक किरदार निभाना मानसिक रूप से काफी थका देने वाला हो सकता है।”

जयति ने कहा, ”सेट पर सभी कलाकार अच्छी तरह जानते हैं कि शारदा सिर्फ किरदार है, असली जिंदगी में मैं ऐसी बिल्कुल नहीं हूं। कैमरे के पीछे हम सभी साथ बैठकर हंसते हैं, बातें करते हैं और अच्छा समय बिताते हैं। इस माहौल की वजह से मुझे अपने किरदार के तनाव से बाहर आने में भी काफी मदद मिलती है।”

अभिनेत्री ने दर्शकों की प्रतिक्रिया पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, ”जब दर्शक शारदा पर गुस्सा होते हैं या उसके कामों की आलोचना करते हैं, तो मैं इसे अपनी तारीफ मानती हूं। इसका मतलब है कि उन्होंने मुझे इस किरदार में पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। मैं ऐसी प्रतिक्रियाओं को कभी व्यक्तिगत तौर पर नहीं लेती। बल्कि यही बातें मुझे शारदा के किरदार को और ज्यादा सच्चाई और मजबूती के साथ निभाने के लिए प्रेरित करती हैं। मेरे लिए एक मजबूत नकारात्मक किरदार निभाने का यही सबसे बड़ा इनाम है।”

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