मुंबई, जैकब बेथेल को इंग्लैंड क्रिकेट के भविष्य के रूप में देखा जाता है। घरेलू क्रिकेट की शुरुआत में ही उनकी क्षमता को पहचानते हुए इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में उन्हें मौका दे दिया था। इंग्लैंड की तरफ से वह तीनों फॉर्मेट में डेब्यू कर चुके हैं, और इंग्लैंड की कप्तानी का मौका भी उन्हें मिला है।
बेथेल ने तीनों ही फॉर्मेट में अपनी क्षमता साबित की है और उन्हें मौका देने के बोर्ड के फैसले को सही साबित किया है।
गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टी20 विश्व कप का दूसरा सेमीफाइनल इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ खेला। इंग्लैंड की टीम यह मैच 7 रन से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई, लेकिन बेथेल ने अपनी विस्फोटक शतकीय पारी से दुनियाभर के क्रिकेट फैंस का दिल जीत लिया।
जैकब बेथेल ने 48 गेंदों पर 105 रन की पारी खेली। यह टी20 करियर (घरेलू, लीग या अंतरराष्ट्रीय) का उनका पहला शतक था। इस शतक के साथ ही बेथेल दुनिया के ऐसे पहले बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने अपना प्रथम श्रेणी, लिस्ट ए और टी20 फॉर्मेट का पहला शतक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगाया है। आमतौर पर क्रिकेटर घरेलू क्रिकेट में इन फॉर्मेट्स में अपना पहला शतक लगाते हैं, लेकिन बेथेल ने सभी फॉर्मेट में पहला शतक लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच चुना। बेथेल के नाम तीनों ही फॉर्मेट में अब 1-1 शतक है।
जून 2021 में घरेलू क्रिकेट में डेब्यू करने वाले बेथेल को सितंबर 2024 में इंग्लैंड टीम के लिए डेब्यू का मौका मिला था। बेथेल 6 टेस्ट में 1 शतक और 3 अर्धशतक की मदद से 476, 21 वनडे में 1 शतक और 5 अर्धशतक की मदद से 603 और 31 टी20 में 1 शतक और 3 अर्धशतक की मदद से 697 रन बना चुके हैं। इसके अलावा, टेस्ट में 4, वनडे में 8 और टी20 में 8 विकेट उनके नाम दर्ज हैं।

