सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से राम मंदिर फंड में कथित अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोपों पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य की प्रतिक्रिया सामने आई है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मेरा यही कहना है कि एक भी पैसे की चोरी नहीं हुई है। ट्रस्ट के लोग बहुत ईमानदार हैं और वे अच्छा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने जब रामलला को निहारा ही नहीं, तो आरोप ही लगाएंगे। जब रूप निहारेंगे, तब आरोप लगाना बंद कर देंगे।
वाराणसी शहर से मीट की दुकानों को हटाने को लेकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि वाराणसी प्रशासन की ओर से एकदम सही कदम उठाया गया है। ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक को लेकर जगद्गुरु ने कहा कि गठबंधन सफल नहीं होगा। इसका भविष्य बहुत अच्छा नहीं है।
वहीं, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए आरोपों पर कहा कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी की बात पर यकीन नहीं किया जा सकता है। ये वो लोग हैं जो राम मंदिर के रास्ते में रोड़े अटकाना चाहते थे। ये हमेशा से राम मंदिर का विरोध करने वाले लोग हैं। अखिलेश यादव, राहुल गांधी और कपिल सिब्बल जैसे लोग राम मंदिर नहीं बनने देना चाहते थे।
वहीं, प्रमोद कृष्णम ने कहा कि इन्हीं लोगों ने कल्कि धाम के निर्माण में बाधा डाली। अगर कोई धर्मविरोधी व्यक्ति भी धर्म के हित की बात करता है तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि राम मंदिर किसी एक राज्य और वर्ग का विषय नहीं है। राम मंदिर और भगवान श्रीराम करोड़ों हिंदुओं के आस्था के आधार हैं। ऐसे में अगर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से कोई सवाल उठाया जाता है तो यह गंभीर विषय है। मेरे हिसाब से मामले की जांच करनी चाहिए। मैं पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह करता हूं कि इसकी जांच होनी चाहिए।

