May 8, 2026
National

जम्मू-कश्मीर : ‘मन की बात’ में जिक्र के बाद कलाड़ी कारोबार को मिली नई उड़ान, देशभर में बढ़ी डिमांड

Jammu and Kashmir: Kaladi business gets a boost after being mentioned in ‘Mann Ki Baat’, demand rises across the country

8 मई । जम्मू-कश्मीर के उधमपुर की पारंपरिक कलाड़ी अब देशभर में अपनी अलग पहचान बना रही है। ‘जम्मू की देसी मोजरेला’ के नाम से मशहूर यह पारंपरिक चीज इन दिनों लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में कलाड़ी का जिक्र किया, जिसके बाद इसकी मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है।

उधमपुर और आसपास के गांवों में आज भी कलाड़ी बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया घर-घर में जीवित है। परिवार पीढ़ियों से इस काम को संभालते आ रहे हैं और पूरी मेहनत व गर्व के साथ इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। गांवों की रसोई में बनने वाली यह खास चीज़ अब शहरों के बाजारों और हाईवे ढाबों तक पहुंच चुकी है।

गांव के कलाड़ी निर्माता पोविंदर शर्मा ने आईएएनएस से कहा कि उनका परिवार शुरू से यही काम करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी अपने बुजुर्गों से ही कलाड़ी बनाना सीखा है और आज उसी काम को आगे बढ़ा रहे हैं। पोविंदर शर्मा के मुताबिक, पहले कलाड़ी की मांग काफी कम थी, लेकिन जब से प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इसका जिक्र किया है, तब से इसकी बिक्री तेजी से बढ़ी है। अब शहरों में भी लोग कलाड़ी को खूब पसंद कर रहे हैं। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि जितनी कलाड़ी वे बनाते हैं, वह तुरंत बिक जाती है और स्टॉक रुकता ही नहीं।

उधमपुर शहर में करीब 50 साल पुरानी दुकान चलाने वाले दुकानदार गुरबख्श सिंह ने कहा कि कलाड़ी की बढ़ती लोकप्रियता से कारोबार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इसके चलते कई नई दुकानें भी खुल चुकी हैं, जिससे लोगों को रोजगार मिल रहा है। गुरबख्श सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कलाड़ी का जिक्र किया, जिसके बाद उनके काम में और तेजी आई है।

हाईवे पर ढाबा चलाने वाले अंगरेज सिंह ने कहा कि कलाड़ी अब जम्मू-कश्मीर की पहचान बन चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात कार्यक्रम’ में कहा था कि जम्मू-कश्मीर की पहचान कलाड़ी है और यह पूरे देश में मशहूर हो रही है। इसके बाद हाईवे पर आने वाले पर्यटक भी खास तौर पर कलाड़ी का स्वाद लेने पहुंच रहे हैं।

दरअसल, कलाड़ी जम्मू-कश्मीर, खासकर जम्मू क्षेत्र का बेहद लोकप्रिय पारंपरिक डेयरी उत्पाद है। इसे ‘डोगरा कलाड़ी’ भी कहा जाता है। भैंस या गाय के दूध से बनने वाली यह खास चीज स्वाद में हल्की नमकीन, स्मोकी और बनावट में लचीली होती है। यही वजह है कि इसे ‘जम्मू की देसी मोजरेला’ कहा जाता है। हाल ही में इसे जीआई टैग मिलने के बाद इसकी पहचान और मजबूत हुई है।

उधमपुर घूमने आए पर्यटक नरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें कलाड़ी बेहद पसंद है और जब भी वे उधमपुर आते हैं तो इसका स्वाद जरूर लेते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी ‘मन की बात’ में कहा था कि जब भी वे कटरा, उधमपुर या जम्मू आएंगे तो कलाड़ी जरूर खाएंगे। नरेंद्र सिंह के मुताबिक यह पूरे जम्मू-कश्मीर और खासकर डोगरा संस्कृति के लिए गर्व की बात है कि कलाड़ी अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रही है।

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