12 मार्च । जम्मू-कश्मीर में फर्जी पोस्ट बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के मामले में क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बारामुल्ला की स्पेशल एंटी करप्शन कोर्ट के सामने 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों ने मिलकर ये गोरखधंधा किया और सरकारी खजाने से सैलरी और 6वीं वेतन आयोग के भत्ते निकाल लिए।
यह केस डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज, श्रीनगर से ऑफिशियल कम्युनिकेशन मिलने के बाद रजिस्टर किया गया था, जिसमें 19 अप्रैल 2010 के सरकारी ऑर्डर नंबर 235-एचएमई में गलत तरीके से कुछ चीजें डालने का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने दूसरों के साथ मिलकर उस ऑर्डर में हेरफेर किया और मेडिकल ब्लॉक बांदीपोरा में हेल्थ डिपार्टमेंट में और पोस्ट बनाने को गलत तरीके से दिखाया।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि डिपार्टमेंट के अधिकारियों और बेनिफिशियरी की मिलीभगत से एक सोची-समझी आपराधिक साजिश के तहत नकली ट्रांसफर और अपॉइंटमेंट ऑर्डर तैयार किए गए। पीएचसी चुन्तिमुल्लाह, पीएचसी अष्टांगू, एसडीएच बांदीपोरा और पीएचसी शेखपोरा गुरेज में कई लोगों को गैर मौजूद पोस्ट पर गैरकानूनी तरीके से एडजस्ट करने के लिए इस्तेमाल किया गया। इन नकली डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके आरोपी बेनिफिशियरी गैरकानूनी अपॉइंटमेंट पाने में कामयाब रहे।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने जालसाजी कर सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया, जबकि खुद भी गलत तरीके से फायदा कमाया। इसलिए, जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट माननीय कोर्ट में ज्यूडिशियल डिटरमिनेशन के लिए फाइल की गई है।
चार्जशीट 17 आरोपियों के खिलाफ फाइल की गई है, जिसमें एक चीफ मेडिकल ऑफिसर, एक ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, डॉक्टर/मेडिकल ऑफिसर, एक सीनियर असिस्टेंट, हेल्थ डिपार्टमेंट के ऑफिस/डीलिंग असिस्टेंट और 12 बेनिफिशियरी कर्मचारी शामिल हैं, जिन्हें धोखे से ऐसी पोस्ट पर एडजस्ट किया गया था, जो हैं ही नहीं।

