April 28, 2026
National

झारखंड: गिरिडीह में गोलगप्पा खाकर बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार, एक ने तोड़ा दम

Jharkhand: Children suffer food poisoning after eating golgappa in Giridih, one dies.

26 अप्रैल । झारखंड के गिरिडीह जिले में दूषित गोलगप्पे और छोले खाने से एक 6 वर्षीय मासूम की जान चली गई, जबकि 18 अन्य बच्चे मौत से जंग लड़ रहे हैं।

घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बजटों गांव की है, जहां गोलगप्पे और छोले खाने के बाद गांव में 20-25 लोग ‘फूड पॉइजनिंग’ की चपेट में आ गए। रविवार की शाम तक बीमारों की संख्या में अचानक इजाफा होने लगा। अस्पताल में उपचाराधीन 6 वर्षीय बालक रंजन कुमार की हालत बिगड़ने के बाद उसने दम तोड़ दिया। फिलहाल, 18 बच्चों को गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बजटों गांव में शनिवार की शाम एक फेरीवाला गोलगप्पे और छोले बेचने पहुंचा था। गांव के बच्चों और महिलाओं ने बड़ी संख्या में इन खाद्य पदार्थों का सेवन किया। इसके कुछ ही घंटों बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और देर रात से उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायतें सामने आने लगीं। रविवार तक स्थिति और गंभीर हो गई तथा गांव में एक के बाद एक लोग बीमार पड़ने लगे।

प्रभावित लोगों को आनन-फानन में गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां रविवार देर शाम इलाज के दौरान छह वर्षीय रंजन कुमार की हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। फिलहाल, 18 बच्चों सहित कई मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से कई की स्थिति नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है, ताकि मरीजों को तत्काल और बेहतर उपचार मिल सके। चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है।

परिजनों के अनुसार, शनिवार शाम फेरीवाले से खरीदे गए गोलगप्पे और छोले खाने के बाद ही सभी लोग बीमार पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि खाद्य पदार्थ दूषित थे, जिसके कारण यह घटना हुई। घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त रामनिवास यादव, सदर एसडीएम श्रीकांत यशवंत और एसडीपीओ जितवाहन उरांव गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया।

उपायुक्त ने चिकित्सकों को सभी मरीजों को समुचित इलाज उपलब्ध कराने और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम बजटों गांव में कैंप कर रही है और ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है, जो अभी तक अस्पताल नहीं पहुंच पाए हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने फेरीवाले की तलाश शुरू कर दी है। खाद्य सुरक्षा विभाग को संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।

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