N1Live National झारखंडः चतरा में हाइवा से कुचलकर शख्स की मौत, 8 घंटे से सड़क जाम; मुआवजे की मांग
National

झारखंडः चतरा में हाइवा से कुचलकर शख्स की मौत, 8 घंटे से सड़क जाम; मुआवजे की मांग

Jharkhand: Man crushed to death by a truck in Chatra, road blocked for 8 hours; compensation demanded

23 अप्रैल । झारखंड के चतरा जिले के पिपरवार थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक तेज रफ्तार हाइवा ने सेवानिवृत्त सीसीएल कर्मी उरश लोहार उर्फ सुरेश को रौंद दिया। गंभीर रूप से घायल उरश की रांची स्थित रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई।

इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पिपरवार में पिछले 8 घंटों से सड़क जाम कर रखा है, जिससे कोयलांचल क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। जानकारी के अनुसार, किचटो पंचायत निवासी उरश लोहार (पिता–रामधन लोहार) अपनी बाइक से बिलारी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सेंट्रल कोलफील्ड्स लि. की सीएचपी-सीपीपी परियोजना से कोयला अनलोड कर आम्रपाली की ओर जा रही हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उन्हें बचरा स्थित क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रिम्स रेफर कर दिया गया। हालांकि, रिम्स पहुंचते ही चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने घटनास्थल के पास ही मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने, क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए ‘नो-एंट्री’ समय निर्धारित करने, वैकल्पिक मार्ग का निर्माण करने और ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग पर अड़े हुए हैं। जाम के कारण मगध, संघमित्रा और आम्रपाली परियोजनाओं से कोयला ढुलाई पूरी तरह ठप हो गई है।

घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि कोयला ढुलाई में लगे हजारों हाइवा रोजाना मौत बनकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन न तो ट्रैफिक नियंत्रण की कोई व्यवस्था है और न ही प्रशासन सुरक्षा को लेकर गंभीर है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में अब तक कोयला वाहनों से हुई दुर्घटनाओं में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, फिर भी सिस्टम बेपरवाह बना हुआ है। खबर लिखे जाने तक सड़क जाम जारी है और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच वार्ता का दौर चल रहा है। पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन और मुआवजे की तत्काल अदायगी की मांग पर अड़े हैं।

Exit mobile version