केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। तेजस्वी यादव ने एनडीए के नेताओं को ‘आदमखोर’ और ‘आरक्षण चोर’ बताया था, जिस पर जीतन राम मांझी ने कहा कि तेजस्वी यादव केवल प्रलाप करते हैं और उनके इन बयानों का कोई जवाब नहीं दिया जाता।
जीतन राम मांझी ने कहा, “उनके पास कहां का डाटा है, जो यह दावा किया जा रहा है कि हम लोग आरक्षण चोर हैं। अगर उनके पास कोई साक्ष्य है, तो वह उसे प्रस्तुत करें। आरक्षण का निर्वहन सही तरीके से हो रहा है और रोस्टर के अनुसार आरक्षण मिल रहा है। यदि तेजस्वी यादव के पास कोई कमीशन बैठाने का डाटा है, तो वह उसे स्पष्ट करें और पेश करें। केवल इस तरह के आरोप लगाने से कुछ नहीं होता।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर सवाल किए जाने पर मांझी ने कहा, “मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता, यह उनकी व्यक्तिगत राय है। वह राजनीति करने नहीं आए हैं, बल्कि धर्म प्रचार करने आए हैं। उनका जो भी बयान है, वह उनकी अपनी विचारधारा है, और हम उससे सहमत नहीं हो सकते। भारत एक है और यहां सर्वधर्म संवाद की परंपरा है। हमारा देश विभिन्न संस्कृतियों, सभ्यताओं, भाषाओं, वेशभूषा और खानपान से भरा हुआ है और यही भारत की खूबसूरती है।”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद का पैर छूने के मामले में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर मांझी ने कहा, “यह सब बातें गलत हैं। हर व्यक्ति को सम्मान देना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। जो लोग किसी को सम्मान देते हैं, वह उनके व्यक्तिगत विचार होते हैं। अगर मुख्यमंत्री ने रविशंकर प्रसाद का पैर छूकर सम्मान दिया, तो यह उनकी तरफ से एक आदर का प्रतीक हो सकता है। इससे ज्यादा इस पर टिप्पणी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।”