February 25, 2026
National

चुनाव आयोग की मनमानी रोकने के लिए न्यायिक निगरानी जरूरी : टीएमसी नेता शशि पंजा

Judicial monitoring necessary to stop Election Commission’s high-handedness: TMC leader Shashi Panja

25 फरवरी । ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासित पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बवाल जारी है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारी की निगरानी में एसआईआर कराए जाने का आदेश दिया। टीएमसी नेता डॉ. शशि पांजा ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सही ठहराया।

टीएमसी नेता डॉ. शशि पांजा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट की पूरी नजर है। पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में एसआईआर की जो प्रक्रिया हो रही है, वह सही तरीके से नहीं हो रही है। यही कारण है कि कोर्ट ने आदेश दिया कि न्यायिक अधिकारी एसआईआर की देख-रेख करेंगे। एसआईआर का जो वेरिफिकेशन है, उसमें बहुत सारे मतदाताओं को संदेह में रख दिया गया है कि वे देश के नागरिक हैं या नहीं? इस देश के मतदाता हैं या नहीं? यह चुनाव आयोग की चाल है।”

शशि पांजा ने कहा, “आयोग इस पर नियंत्रण करके अपनी शक्ति का कुछ ज्यादा ही इस्तेमाल कर रहा है। आयोग की इस मनमानी को रोकने के लिए उनके ऊपर न्यायिक अधिकारी रखे गए हैं। जब इसका मूल्यांकन किया गया कि 250 न्यायिक अधिकारी और बहुत सारे वेरिफिकेशन करने हैं, तो पाया गया कि इतने सारे न्यायिक अधिकारी भी समय से यह काम समाप्त नहीं कर पाएंगे। इस कारण यह सुझाव दिया गया है कि झारखंड और ओडिशा के हाईकोर्ट से जो रिटायर्ड अधिकारी हैं, आयोग उनके द्वारा इस कार्य को समाप्त करने की कोशिश करें।”

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी डरी हुई है और वही अपने आप को असुरक्षित मान रही है। ये आरोप वह और किसी के नाम पर डालने की कोशिश कर रहे हैं। यह समय का नुकसान है, और उनके हाथ में कोई काम और एजेंडा नहीं है। वे बंगाल में लोगों के मन में बस किसी भी तरह जहर घोलना चाहते हैं। जल्दबाजी में एसआईआर प्रक्रिया को कराना ही नहीं चाहिए था। हम लोगों की लड़ाई एसआईआर के विरुद्ध नहीं थी, बल्कि यह थी कि इसे जल्दबाजी में कराया जा रहा है, जिसका उद्देश्य यही है कि बहुत से मतदाताओं के नाम को निकाला जाए और किसी भी तरह भाजपा को जिताया जा सके।

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