कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) के अध्यक्ष अनुराग शर्मा के लिए इस साल की होली का उत्सव एक अप्रत्याशित और जीवन बदल देने वाला आश्चर्य लेकर आया। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि कांग्रेस उच्च कमान ने हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा टिकट के लिए उनका नाम तय कर लिया है। शर्मा ने पहले सोचा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) कार्यालय से आया फोन केवल त्योहार की शुभकामना देने के लिए था।
उस पल को याद करते हुए शर्मा ने बताया कि जब उन्हें बधाई का फोन आया, तब वे होली खेल रहे थे। उन्होंने कहा, “कल जब मुझे एआईसीसी कार्यालय से फोन आया, तो मैंने सोचा कि होली की बधाई है और मैंने भी उन्हें बधाई दे दी। लेकिन फिर उन्होंने बताया कि वे मुझे होली की बधाई नहीं दे रहे हैं, बल्कि राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुने जाने की बधाई दे रहे हैं।” इसके बाद अधिकारियों ने उनसे नामांकन दाखिल करने के लिए आवश्यक दस्तावेज तुरंत तैयार करने को कहा।
इस अचानक हुए घटनाक्रम ने शर्मा को भावुक और अभिभूत कर दिया। उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि पार्टी के उच्च कमान ने मेरा नाम अंतिम रूप दे दिया है। मैं शिव भक्त हूं, इसलिए मैंने सबसे पहले बैजनाथ स्थित शिव मंदिर जाकर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।” उन्होंने इस क्षण को अपने जैसे एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता के लिए अत्यंत विनम्रतापूर्ण बताया।
शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने अपनी पत्नी को राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में चुने जाने की बात बताई, तो उन्हें भी पहले यकीन नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “मैंने अपने परिवार को नहीं बताया क्योंकि मुझे खुद यकीन नहीं हो रहा था। जब मैंने अपनी पत्नी को इशारा किया कि मुझे टिकट मिल सकता है, तो उसने कहा, ‘मुझसे मजाक मत करो।'” सभी जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करने के बाद वे रात 2 बजे शिमला पहुंचे।
29 अगस्त, 1978 को जन्मे शर्मा को लगभग एक महीने पहले ही कांगड़ा डीसीसी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। स्नातक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि से संपन्न शर्मा कॉलेज के दिनों से ही राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई), युवा कांग्रेस और कांग्रेस से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। राजनीति के अलावा, उन्होंने क्षेत्र में एयरोस्पोर्ट्स को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और वर्तमान में बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
शर्मा का मानना है कि उनके नामांकन से पार्टी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा, “जब मुझे डीसीसी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, तब मैंने कहा था कि संगठन सर्वोपरि है और कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ हैं। कार्यकर्ताओं के मजबूत होने पर ही सरकारें, विधायक और मंत्री बन सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि उनकी उम्मीदवारी से हजारों समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा।
भाजपा नेता इंदु गोस्वामी का कार्यकाल पूरा होने के बाद राज्यसभा की जो सीट खाली हो रही है, उसके लिए शर्मा एकमात्र उम्मीदवार हैं। 9 मार्च को नाम वापस लेने की तारीख के बाद उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाएगा, जिससे 16 मार्च को होने वाले मतदान की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

