धर्मशाला, 4 अगस्त हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के धौलाधार परिसर धर्मशाला के सभागार में दीनदयाल उपाध्याय अध्ययन केंद्र और राष्ट्रीय कवि संगम के संयुक्त तत्वावधान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
साहित्य पर ध्यान केंद्रित करें ऐसे कार्यक्रमों से साहित्य की ओर ध्यान आकर्षित करने में मदद मिलती है। डिजिटल तकनीक के आगमन से लोगों का संपर्क टूट गया है और ऐसे कार्यक्रम उन्हें एक-दूसरे से जुड़ने में मदद करते हैं। – सतपाल बंसल, कुलपति, सीयूएचपी
कार्यक्रम में कांगड़ा से सांसद राजीव भारद्वाज मुख्य अतिथि तथा सुप्रसिद्ध कवि सुदीप भोला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष जगदीश मित्तल तथा महासचिव शक्ति सिंह राणा भी उपस्थित थे।
अपने संबोधन में सांसद भारद्वाज ने श्रोताओं के साथ अपने बचपन की यादें साझा की तथा अपनी पसंदीदा गजल सुनाई। उन्होंने विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं से धर्मशाला के सामाजिक विकास के लिए पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने का भी आग्रह किया।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. सतपाल बंसल ने राष्ट्रीय कवि संगम का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से साहित्य की ओर ध्यान आकर्षित करने में सहायता मिलती है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के आगमन से लोगों का संपर्क टूट गया है तथा ऐसे कार्यक्रमों से लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने में सहायता मिलती है। कुलपति के अनुसार विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा इस सत्र से कांगड़ी भाषा में छह माह का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जा रहा है।
साथ ही, कवियों व साहित्यकारों की रचनाओं को हिमाचल प्रदेश की क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध करवाने के लिए विभाग हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। जगदीश मित्तल ने कहा कि उनका संगठन देश के लिए कवियों की एक नई पीढ़ी तैयार कर रहा है।
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