February 2, 2026
National

कर्नाटक तेजी से कट्टर तुष्टिकरण की राजनीति का बन रहा केंद्र: विनोद बंसल

Karnataka is fast becoming the centre of blatant appeasement politics: Vinod Bansal

रमजान के मद्देनजर कर्नाटक शिक्षा विभाग द्वारा उर्दू स्कूलों के समय में बदलाव किए जाने को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता विनोद बंसल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि कर्नाटक तेजी से कट्टर तुष्टिकरण की राजनीति का केंद्र बनता जा रहा है।

उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार धार्मिक आधार पर तुष्टिकरण में पूरी तरह लिप्त नजर आ रही है और हालात ऐसे हैं कि बच्चों को भी धार्मिक आधार पर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां संतुलन के बजाय एकतरफा रुख को दर्शाती हैं, जो समाज के लिए ठीक नहीं है।

विनोद बंसल ने पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप मैच खेलने से मना किए जाने के मुद्दे पर भी कहा कि पहले पाकिस्तान ने अपने तथाकथित साथी यूसुफ को बलि का बकरा बनाया और खुद खेलने से इनकार नहीं किया, लेकिन उनकी टीम को मैदान में उतरे बिना ही हार जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। अब उनके मुताबिक, पाकिस्तान खुद वही आत्मघाती कदम उठा रहा है।

बंसल ने कहा कि कुछ देश इंटरनेशनल क्रिकेट को राजनीतिक लड़ाई का मैदान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उन्हें यह समझना चाहिए कि खेल को खेल की भावना से खेला जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस तरह की सोच जारी रही तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संस्थाएं ऐसे रवैये को बर्दाश्त नहीं करेंगी और कार्रवाई कर सकती हैं।

पश्चिम बंगाल की स्थिति को लेकर भी विहिप के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता ने कड़ी टिप्पणी की। विनोद बंसल ने कहा कि पश्चिम बंगाल धीरे-धीरे जिहादियों की राजधानी बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘जय श्री राम’ के नारे पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी और राम भक्तों पर हमले हुए थे, अब उसी राह पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और असामाजिक तत्व आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस पावन धरती पर हिंदू सम्मेलनों और संतों द्वारा ‘जय श्री राम’ कहना अपराध है।

विनोद बंसल ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल स्वामी विवेकानंद और स्वामी रामकृष्ण परमहंस की पूज्य भूमि है और यहां धार्मिक अभिव्यक्ति पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस पूरे मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस विषय पर अविलंब देश और समाज से क्षमा मांगनी चाहिए।

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