केरल की मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)- सीपीएम कई विवादों में फंस गई है। पार्टी के नेताओं पर यौन दुर्व्यवहार से लेकर भ्रष्टाचार तक के आरोप लगे हैं, जिससे पार्टी पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। सीपीएम ने रविवार को पलक्कड़ में अचानक जिला सचिव ईएन सुरेश बाबू को उनके पद से हटा दिया। इसके बाद पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता ने उन पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं।
बताया गया कि महिला ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग समेत अन्य डिजिटल सबूतों के साथ संपर्क किया है। उसने आरोप लगाया है कि सुरेश बाबू ने कथित तौर पर उन्हें लंबे समय तक परेशान किया और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। इसके बाद सुरेश बाबू ने निजी कारणों का हवाला देते हुए जिला सचिव का पद छोड़ दिया।
यह विवाद एक और बड़े मामले के ठीक बाद सामने आया है, जिसमें जीसीडीए के पूर्व चेयरमैन और मौजूदा सीपीएम राज्य सचिवालय सदस्य सीएन मोहनन का नाम शामिल हैं। मुंडमवेली फ्लैट कॉम्प्लेक्स के मामले में मोहनन के खिलाफ विजिलेंस केस दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री वीडी सतीसन की सरकार ने कोच्चि के मुंडमवेली फ्लैट कॉम्प्लेक्स की विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कि यहां 78 परिवार बेहद खराब हालात में रहने को मजबूत हैं, जबकि फ्लैट बनने के दो साल भी पूरे नहीं हुए हैं। इस मामले में मुवत्तुपुझा विजिलेंस कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मौजूदा स्थिति पर रिपोर्ट 22 अक्टूबर को सौंपी जाए।
इस परियोजना के लिए जीसीडीए की ओर से आवंटित भूमि को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। राजस्व अभिलेखों के अनुसार, यह भूमि दलदली भूमि के रूप में वर्गीकृत है। मुंडमवेली का प्रस्ताव कथित तौर पर मोहनन की ओर से ही सुझाया गया था। यह साइट हाई-टेंशन बिजली लाइन के नीचे भी स्थित है।
तिरुवनंतपुरम में, सीपीएम ने इस आरोप की आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं कि उसके कॉरपोरेशन पार्षद एस. अजिन ने जमीन से जुड़े एक मामले को सुलझाने के लिए 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह आरोप तिरुमाला के रहने वाले संजू ने लगाया है। उन्होंने ऑडियो और वीडियो क्लिप जारी करके पार्षद पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। यह मामला त्रिकन्नपुरम वार्ड में MLA रोड पर खरीदे गए एक प्लॉट से जुड़ी समस्याओं के बारे में था।
तिरुवनंतपुरम में, सीपीएम ने उन आरोपों की आंतरिक जांच का आदेश दिया है कि उसके नगर निगम पार्षद एस. अजिन ने भूमि संबंधी मुद्दे को सुलझाने के लिए 10 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
यह आरोप तिरुमाला निवासी संजू ने लगाया था, जिसने ऑडियो और वीडियो क्लिप जारी कर पार्षद पैसे मांगने का आरोप लगाया है। यह मामला त्रिकन्नपुरम वार्ड में एमएलए रोड पर खरीदे गए एक प्लॉट से जुड़ी समस्याओं के सिलसिले में था। राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने पुष्टि की है कि पार्टी अजिन के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करेगी।
फिलहाल, पार्टी पदाधिकारियों से जुड़े तीन अलग-अलग विवादों ने सीपीएम को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है, जिससे उनके आचरण, जवाबदेही और आंतरिक नियंत्रण पर सवाल उठ रहे हैं। सीपीएम के लिए सबसे बड़ी परेशानी की बात यह है कि इस सप्ताह के आखिर में केरल विधानसभा का नौ दिवसीय का सत्र शुरू होने वाला है।


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